Stella Mehta Rakesh Mehta Foreign Education Fraud (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Stella Mehta Rakesh Mehta Arrest: मुंबई के चारकोप इलाके से विदेशी शिक्षा के नाम पर एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। विदेश में पढ़ाई के लिए दाखिला दिलाने का झांसा देकर एक ‘कंसल्टेंसी’ चलाने वाले दंपति ने 19 लोगों से करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपये की ठगी की है। इस घोटाले का केंद्र चारकोप स्थित ‘करियर एंड ऑप्शंस सर्विस लिमिटेड’ (Career & Options Service Ltd) नामक एजेंसी है।
जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम दोनों में इजाफा हो रहा है। चारकोप पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
आरोपी दंपति, स्टेला मेहता और राकेश मेहता, चारकोप में अपनी एजेंसी के जरिए छात्रों को यूके, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने का आश्वासन देते थे। वे ट्यूशन फीस, वीजा प्रोसेसिंग और अन्य प्रशासनिक खर्चों के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। दिसंबर महीने में जब कई छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और एजेंसी के दफ्तर पर ताला लटक गया, तब अभिभावकों को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस के अनुसार, इस दंपति ने न केवल मुंबई के लोगों को, बल्कि नासिक जैसे अन्य शहरों के छात्रों को भी अपना शिकार बनाया है।
शुरुआत में केवल 13 लोग पुलिस के पास पहुँचे थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 19 हो गई है। ठगी गई कुल राशि 2,87,32,253 रुपये तक पहुँच गई है। पीड़ितों की सूची में रेणुका मेनन (10 लाख), मुकेश पाटिल (22 लाख) और हर्षद दवे (38.6 लाख) जैसे कई नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपनी जीवन भर की जमापूंजी बच्चों के भविष्य के लिए इस एजेंसी को सौंप दी थी। पुलिस को संदेह है कि जैसे-जैसे खबर फैलेगी, और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
चारकोप पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारियों को सूचना मिली है कि आरोपी स्टेला और राकेश मेहता गिरफ्तारी से बचने के लिए ओडिशा भाग गए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर उनका पीछा कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी विदेशी शिक्षा एजेंसी को बड़ी रकम देने से पहले उसकी आधिकारिक मान्यता और पुराने रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लें। इस सनसनीखेज मामले ने मुंबई में सक्रिय ‘एजुकेशन माफिया’ के बढ़ते जाल की ओर एक बार फिर इशारा किया है।