Raj Thackeray Gudi Padwa Speech (फोटो क्रेडिट-X)
Raj Thackeray On Maharashtra Debt: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुड़ी पड़वा के अवसर पर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार किया। अपनी पार्टी की स्थापना के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में उन्होंने ‘भव्य महाराष्ट्र’ के सपने को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया। ठाकरे ने न केवल शिंदे-फडणवीस-अजित पवार सरकार को घेरा, बल्कि राज्य के बढ़ते कर्ज, कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर गंभीर आंकड़े पेश कर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
राज ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा कि महाराष्ट्र जो कभी नए विचारों की जन्मस्थली था, आज विकास के नाम पर केवल कर्ज की दलदल में फंसता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के खोए हुए वैभव को वापस लाने के लिए लड़ रहे हैं। उनके भाषण में छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों का उल्लेख करते हुए वर्तमान राजनीतिक गिरावट पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया गया।
राज ठाकरे ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि महाराष्ट्र पर आज 11 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पृथ्वीराज चव्हाण के मुख्यमंत्री रहते यह कर्ज करीब 2 लाख करोड़ रुपये था। ठाकरे ने तंज कसा कि मुंबई के कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट्स आम नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को बाहर कर बाहरी लोगों को बसाने की साजिश का हिस्सा लगते हैं। उन्होंने किसानों की आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र के नंबर एक पर होने को राज्य के लिए शर्मनाक बताया।
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कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज ठाकरे ने बेहद डरावने आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि मुंबई में नवंबर-दिसंबर के दौरान 82 बच्चे लापता हुए, वहीं जनवरी 2025 में नवी मुंबई से 498 बच्चों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से कई का अब तक पता नहीं चल पाया है। ठाकरे ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में हर साल 4,500 से 5,500 बच्चे गायब हो रहे हैं, जो एक गंभीर सुरक्षा चूक है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में फैल रहे ड्रग्स के कारोबार को लेकर सरकार को चेतावनी दी कि यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया, तो युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।
अपने संबोधन के अंत में राज ठाकरे ने महापुरुषों को जाति के चश्मे से देखे जाने की प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के महापुरुषों ने पूरे देश को दिशा दी है, उन्हें किसी एक जाति तक सीमित करना उनका अपमान है। ठाकरे ने कहा कि अगर आज छत्रपति शिवाजी महाराज जीवित होते, तो विधानभवन पहुंचकर इस अराजकता को खुद समाप्त करते। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और वे सत्ता हासिल कर राज्य की तस्वीर बदल देंगे।