मोबाइल यूटीएस सहायकों से 5.40 लाख यात्रियों को मदद, मध्य रेल को हुई 6.89 करोड़ रुपये की आय
Central Railway Mumbai: टिकट खिड़की की भीड़ से मिली आजादी! मध्य रेल की मोबाइल यूटीएस सेवा ने अप्रैल में बनाया नया रिकॉर्ड। जानें कैसे काम करती है यह पोर्टेबल टिकट मशीन।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
मोबाइल यूटीएस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mobile UTS Assistants: ट्रेन टिकट के लिए बड़े व व्यस्त स्टेशनों की खिड़कियों पर लगने वाली लंबी लाइनों से यात्रियों को राहत के लिए यूटीएस प्रणाली, रेल वन जैसे मोबाइल टिकटिंग ऐप आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी हैं। इसी कड़ी में मध्य रेलवे के सबसे बड़े व व्यस्त सीएसएमटी स्टेशन पर टिकट की नवीनतम सुविधा के रूप में मोबाइल यूटीएस सहायकों की उपलब्धता काफी कारगर साबित हुई है।
मध्य रेल ने पिछले वर्ष 31 अक्टूबर 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर इस सुविधा का शुभारंभ किया, जिसमें टिकट खरीदने के लिए प्रतीक्षारत यात्रियों की सेवा के लिए 3 सहायक तैनात किए गए । समर सीजन में यात्रियों की भीड़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए, जनवरी 2026 में 5 और सहायक नियुक्त किए गए, जिससे एम-यूटीएस सहायकों की कुल संख्या 8 हो गई।
3.86 लाख टिकट जारी
बताया गया कि उक्त एम-यूटीएस सहायकों ने 30 अप्रैल 2026 तक 5.40 लाख यात्रियों को 3.86 लाख टिकट जारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यात्रियों के बीच जाकर आसान और त्वरित टिकट सेवा प्रदान करके मध्य रेल के वाणिज्यिक राजस्व में 6.89 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। केवल अप्रैल माह में ही 1.72 लाख यात्रियों को 1.25 लाख टिकट जारी किए गए, जिससे 2.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
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मौके पर यात्रियों को टिकट
एम-यूटीएस सहायकों को एक मोबाइल फोन और एक छोटी टिकट प्रिंटिंग मशीन प्रदान की गई है। ये एम-यूटीएस सहायक कॉनकोर्स, वेटिंग एरिया या रेलवे परिसर में प्रत्येक व्यक्ति के पास जाकर टिकट किराया भुगतान पर टिकट जारी करते हैं। वैकल्पिक रूप से, उन्हें काउंटर के अंदर बैठकर टिकट जारी करने की भी अनुमति है। यात्रियों के पास डिजिटल या नकद भुगतान का विकल्प है।
मध्य रेल की इस पहल से न केवल त्वरित और सुविधाजनक टिकट सुविधा उपलब्ध हुई है, बल्कि इससे बिना टिकट यात्रा पर भी अंकुश लगाने में मदद मिली है। मौके पर ही टिकटों की आसान उपलब्धता से लंबी कतारों और यात्रियों की भारी भीड़ के कारण बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है।
