धंगेकर जुझारू कार्यकर्ता, बीजेपी विरोधी नहीं...राज्यमंत्री मोहोल से विवाद पर शिंदे का बयान

Murli Dhar Mohol: पुणे में धंगेकर-मोहोल विवाद से महायुति सरकार की छवि प्रभावित, डीसीएम शिंदे ने धंगेकर को कर्मठ कार्यकर्ता बताते हुए महायुति में मतभेदों पर पर्दा डाला।
Eknath Shinde
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News: पुणे में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता व पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर तथा बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के बीच की सियासी अदावत में अब महायुति सरकार की छवि खराब हो रही है. इससे विपक्ष को बैठे-बिठाए महायुति और राज्य सरकार को घेरने का मौका मिल रहा है. नतीजतन बीजेपी और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं तो वहीं जनता के बीच महायुति में सब कुछ ठीक नहीं होने का संदेश जा रहा है. लेकिन इसके बाद भी डीसीएम शिंदे कार्रवाई करने की बजाय धंगेकर की पीठ थपथपाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने धंगेकर को एक कर्मठ कार्यकर्ता कहते हुए उनकी तारीफ करके सभी को सकते में डाल दिया.

पुणे के जैन बोर्डिंग हाउस की जमीन की बिक्री के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले रवींद्र धंगेकर ने केंद्रीय राज्य मंत्री मोहोल पर एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है. धंगेकर ने एक और नया तथा सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि मोहोल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री रहने के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया है. उन्होंने बॉम्बे फ्लाइंग क्लब से मिलने वाली 200 करोड़ रुपए की राशि को घटाकर सिर्फ़ 2.30 करोड़ रुपए कर दिया.

धंगेकर का दावा है कि बॉम्बे फ्लाइंग क्लब पर मोहोल की मेहरबानी के कारण नागरिक उड्डयन विभाग को 197 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या मोहोल ने विशाल गोखले के जरिए इस काम में दलाली ली है? धंगेरकर के इन हमलों से बीजेपी शिंदे गुट के प्रति नाराजगी बढ़ रही है. लेकिन डीसीएम शिंदे ने इस विवाद पर यह कहकर पर्दा डालने का प्रयास किया कि धंगेकर जुझारू कार्यकर्ता हैं और वह बीजेपी विरोधी नहीं हैं.

हल्के अंदाज में दी नसीहत

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को पुणे स्थित तीर्थ आलंदी में भक्त निवास का शिलान्यास और महाद्वार से पुंडलिक मंदिर घाट तक सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन किया. इस मौके पर धंगेकर ने एयरपोर्ट पर उनसे मुलाकात की. बाद में शिंदे ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने महायुति में दंगा (मतभेद) न हो इस बात का ध्यान रखने तथा पार्टी की बजाय प्रवृत्ति पर बोलने का निर्देश दिया है.

शिंदे के उपरोक्त बयान के बाद ऐसी अटकलें जोर पकड़ रही हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव की पृष्ठभूमि में पुणे में मोहोल का प्रभाव कम करने तथा अपनी पार्टी का प्रभाव बढ़ाने के लिए डीसीएम शिंदे ने धंगेकर को हरी झंडी दे दी है.

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