Priyanka Chaturvedi on Pradyut Bordoloi Resigns (फोटो क्रेडिट-X)
Pradyut Bordoloi Resigns Congress Assam: राज्यसभा चुनावों में हुई क्रॉस-वोटिंग और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे ‘लोकतंत्र के लिए शर्मनाक’ करार दिया है। असम के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद, प्रियंका ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘पैराशूट लैंडिंग’ और ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी का मानना है कि सत्ता पक्ष साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को अस्थिर कर रहा है, जो स्वस्थ राजनीति के लिए एक बड़ा खतरा है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरी पार्टियों से नेताओं को तोड़कर लाना यह दर्शाता है कि बीजेपी के पास अपने योग्य कार्यकर्ताओं की कमी है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी कांग्रेस से ही बीजेपी में आए थे। प्रियंका के अनुसार, जब बाहर से आए नेताओं को सीधे ऊँचे पद दिए जाते हैं (पैराशूट लैंडिंग), तो सालों से झंडा उठाने वाले बीजेपी के मूल कार्यकर्ताओं के मन में द्वेष और हीनभावना पैदा होती है। यह उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अपमान है जो पार्टी की विचारधारा के लिए जमीन पर काम करते हैं।
ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव में 50-50 करोड़ का खेल! संजय राउत बोले- मुंबई से भेजा गया विधायकों को खरीदने का पैसा
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका ने इसे ‘खुली खरीद-फरोख्त’ का परिणाम बताया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
बिहार में सेंधमारी: बिहार में कांग्रेस के तीन विधायकों द्वारा वोट न करना यह दर्शाता है कि विधायकों पर किस तरह का दबाव बनाया गया।
NDA की जीत: महागठबंधन जिस एक सीट पर अपनी जीत पक्की मान रहा था, उसे भी एनडीए ने रणनीतिक रूप से छीन लिया।
नैतिकता का अभाव: प्रियंका ने सवाल उठाया कि क्या नेताओं के काम में अड़चनें डाली जा रही हैं या उन्हें एजेंसियों का डर दिखाया जा रहा है, जिसकी वजह से वे अपनी पार्टी छोड़ने पर मजबूर हैं।
असम में प्रद्युत बोरदोलोई जैसे कद्दावर नेता का जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बाहर जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है, जो चिंता का विषय है। पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद इस तरह की सियासी उठापटक विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है। उन्होंने साफ किया कि यदि हॉर्स-ट्रेडिंग इसी तरह जारी रही, तो जनता का लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से भरोसा उठ जाएगा।