

Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की 7 रिक्त हो रही सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। इन सीटों में शिवसेना (UBT) की तेजतर्रार सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की सीट भी शामिल है, जिनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। दोबारा राज्यसभा जाने के सस्पेंस के बीच प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए भविष्य के बजाय अपने कार्यों पर जोर दिया है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले 6 वर्षों में उन्होंने जनता के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाया है। उन्होंने अपनी पार्टी और नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि एक गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि की महिला को राज्यसभा जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कयासों में नहीं पड़ना चाहतीं, बल्कि देशहित में काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
महाराष्ट्र में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है। महाविकास आघाड़ी (MVA) के पास वर्तमान में कांग्रेस (16), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरद पवार गुट (10) और शिवसेना - उद्धव गुट (20) को मिलाकर कुल 46 विधायक हैं। छोटे सहयोगी दलों को मिलाकर यह संख्या 49 तक पहुँचती है। इस समीकरण के अनुसार, MVA केवल एक सांसद ही आसानी से चुनकर भेज सकता है।
विपक्षी गठबंधन के भीतर इस एक सीट को लेकर पेच फंसता नजर आ रहा है। एक ओर शरद पवार का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है और चर्चा है कि वे फिर से राज्यसभा जा सकते हैं। दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में अपनी पार्टी के सबसे ज्यादा विधायक (20) होने का हवाला देते हुए इस सीट पर 'उद्धव सेना' का दावा ठोका है। संजय राउत ने भी संकेत दिए हैं कि अंतिम फैसला उद्धव ठाकरे और गठबंधन के वरिष्ठ नेता मिलकर लेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव के लिए 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के लिए कार्यक्रम इस प्रकार है: