‘उद्धव ठाकरे को पद का लालच नहीं’, अंबादास दानवे की उम्मीदवारी पर प्रियंका चतुर्वेदी की पोस्ट
Priyanka Chaturvedi Post: प्रियंका चतुर्वेदी ने अंबादास दानवे की उम्मीदवारी पर उद्धव ठाकरे की तारीफ की। कहा- पद का लालच नहीं, सही समय पर दूसरों को सत्ता देना बड़ी बात।
- Written By: अनिल सिंह
अंबादास की उम्मीदवारी पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- 'सही समय पर दूसरों को मौका देना ही असली नेतृत्व' (फोटो क्रेडिट-X)
Priyanka Chaturvedi Post on Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त सीटों के लिए होने वाले चुनाव में शिवसेना (UBT) ने अंबादास दानवे के नाम पर मुहर लगाकर सभी अटकलों को समाप्त कर दिया है। इस फैसले के बाद पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व की सराहना करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हमेशा यह सिद्ध किया है कि उन्हें सत्ता का मोह नहीं है। चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि जब विधायकों ने विश्वासघात किया था, तब भी उन्होंने मुख्यमंत्री पद और सरकारी आवास छोड़ने में संकोच नहीं किया था।
प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, महाविकास आघाडी की एकमात्र सुरक्षित सीट के लिए सभी दलों का सर्वसम्मत समर्थन प्राप्त होने के बावजूद, उद्धव ठाकरे ने स्वयं सदन में जाने के बजाय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता और बुलंद आवाज अंबादास दानवे को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल खुद पद पर बने रहना नहीं, बल्कि सही समय पर दूसरों को जिम्मेदारी सौंपना है।
पुन्हा एकदा, पक्षनेते Uddhav Thackeray ji, यांनी पदाला चिकटून न राहण्याची आपली भूमिका दाखवून दिली आहे.
जेव्हा आमदारांनी गद्दारी केली, तेव्हा त्यांनी मुख्यमंत्रीपदाला चिकटून न राहता ते सोडले आणि अधिकृत निवासस्थानही रिकामे केले. आणि आज पुन्हा एकदा, सर्व पक्षांकडून बिनविरोध… — Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 30, 2026
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सहयोगी दलों का आग्रह और उद्धव का फैसला
अंबादास दानवे की घोषणा से पूर्व, एमवीए के सहयोगी दलों के बीच यह प्रबल इच्छा थी कि उद्धव ठाकरे स्वयं विधान परिषद का प्रतिनिधित्व करें। एनसीपी (SP) की नेता सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से उनसे चुनाव लड़ने की अपील की थी और कांग्रेस ने भी उनके नामांकन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था। हालांकि, विधायक आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि पार्टी प्रमुख पर स्वयं चुनाव लड़ने का भारी दबाव था, लेकिन अंतिम निर्णय स्वयं उद्धव ठाकरे ने ही लिया कि अंबादास दानवे ही गठबंधन का चेहरा होंगे।
अंबादास दानवे: विधान परिषद में एक अनुभवी चेहरा
अंबादास दानवे पूर्व में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उनके नाम की पुष्टि की और बताया कि दानवे गुरुवार सुबह अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। पार्टी का मानना है कि दानवे सदन के भीतर सरकार को घेरने और पार्टी की विचारधारा को मजबूती से रखने में सक्षम हैं।
महायुति बनाम महाविकास आघाडी का मुकाबला
आज नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। जहाँ शिवसेना (UBT) ने दानवे को मैदान में उतारा है, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नीलम गोरे और बच्चू कडू को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस और अन्य दलों के बीच तालमेल के बाद यह चुनाव निर्विरोध संपन्न होगा या 12 मई को मतदान की नौबत आएगी।
