ताडोबा टाइगर रिजर्व में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि, अब कैमरा शुल्क भी हुआ खत्म

Tadoba Tiger Reserve: ताडोबा में ऑनलाइन सुविधाओं और पारदर्शी प्रबंधन से पर्यटकों की संख्या 3.76 लाख पहुंची। कैमरा शुल्क समाप्त कर 'टाइगर टॉक' चैटबॉट जैसी नई सुविधाएं शुरू की गई हैं।
Tadoba Tiger Reserve saw 3.76 lakh tourists in 2025-26. Key updates include abolished camera fees, 'Tiger Talk' chatbot, and 2-hour prior safari booking facility.
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में पर्यटन (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Chandrapur Tiger Reserve Safari Booking: चंद्रपुर ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में पर्यटन प्रबंधन में किए गए सुधार, ऑनलाइन सुविधाओं और पारदर्शी बुकिंग प्रक्रिया का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 3.76 लाख पर्यटकों ने सफारी बुकिंग की, जबकि 2024-25 में यह संख्या 3.67 लाख थी। वर्तमान में परियोजना में कुल 22 गेट संचालित हैं, जिनमें 6 कोर और 16 बफर गेट शामिल हैं।

पर्यटकों की सुविधा के लिए आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई है, जिसमें गेट की जानकारी, दिशा-निर्देश और पर्यटन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 'टाइगर टॉक' नामक इंटरैक्टिव चैटबॉट सेवा भी शुरू की गई है। सफारी शुल्क, नियम और निर्देश सभी प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सफारी या क्रूजर बुकिंग में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए गए हैं।

झरी बफर, केशलाघाट और पांगड़ी बफर क्षेत्रों में प्रवेश

पर्यटन व्यवस्था में सुधार के तहत पांगड़ी और झरी कोर क्षेत्र में पूरे दिन की सफारी करने वाले पर्यटकों को झरी बफर, केशलाघाट और पांगड़ी बफर क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति दी गई है। बफर क्षेत्र की फुल-डे सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है, जबकि 'तत्काल' बुकिंग प्रणाली को बंद कर दिया गया है। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैमरा शुल्क समाप्त कर दिया गया है। साथ ही ऑनलाइन बुकिंग में 'एड-ऑन' और संशोधन की सुविधा भी शुरू की गई है।

सफारी के लिए उपलब्धता के अनुसार दो घंटे पहले तक बुकिंग की जा सकती है। पर्यावरण संरक्षण के तहत हर सफारी वाहन में 'ताडोबा डायरी' के साथ पक्षियों और तितलियों की जानकारी वाले पुस्तिका उपलब्ध कराई जा रही है।

सभी गेट पर कैशलेस भुगतान और क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक देने की सुविधा भी शुरू की गई है। अगरझरी बफर गेट पर हर बुधवार को चंद्रपुर जिले के नागरिकों के लिए विशेष आरक्षण रखा गया है। परियोजना के क्षेत्र संचालक प्रभुनाथ शुक्ला ने बताया कि भविष्य में आधार ओटीपी आधारित बुकिंग, सभी गेट पर नेटवर्क सुविधा, कोटा प्रबंधन और वेटिंग लिस्ट प्रणाली शुरू करने की योजना है।

नई सुविधाएं

  • 'टाइगर टॉक' चैटबॉट सेवा
  • कैमरा शुल्क समाप्त
  • कैशलेस भुगतान व क्यूआर फीडबैक
  • दो घंटे पहले तक सफारी बुकिंग
  • स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था
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