
पृथ्वीराज चव्हाण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Prithviraj Chavan Controversial Statement: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का बयान विवादों में घिर गया है। उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ की गई कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दे दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या डोनाल्ड ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को भी किडनैप कर लेंगे?”
पृथ्वीराज चव्हाण ने यह भी कहा कि जो घटनाक्रम वेनेजुएला में हुआ, क्या वैसा ही कुछ भारत में भी हो सकता है। उनके पीएम मोदी पर दिए इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक दर से कोई भी व्यापार संभव नहीं है। उनके अनुसार, टैरिफ लगाने से अमेरिका ने भारत से होने वाले निर्यात को लगभग बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा, “अमेरिका को होने वाले निर्यात से भारतीयों को जो मुनाफा मिलता था, वह अब नहीं मिलेगा। भारत को यह झटका सहन करना पड़ेगा और नए बाजारों की तलाश करनी होगी।” चव्हाण ने यह भी जोड़ा कि जब व्यापार पहले से ही ठप है, तो 50 फीसदी टैरिफ लगा देने से भी कोई खास फर्क नहीं पड़ता।
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पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद्य ने तीखी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चव्हाण को एक संतुलित और अनुभवी नेता माना जाता था, लेकिन हाल के बयानों से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं में भारी निराशा और हताशा है।
शेष पॉल वैद्य ने कहा कि इस तरह के बयान देश के खिलाफ जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी नेता को यह उम्मीद करनी चाहिए कि भारत में भी वेनेजुएला जैसी स्थिति पैदा हो। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन देश के सम्मान और प्रधानमंत्री पद की गरिमा पर सवाल उठाना गलत है। पूर्व डीजीपी ने चव्हाण के बयान को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस तरह की सोच देशहित में नहीं है।






