मतदाता सूची दुरुस्त करो, वरना चुनाव मत कराओ! राज, उद्धव और शरद पवार पहुंचे चुनाव आयोग

महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग से कड़ी आपत्ति जताई। राज ठाकरे बोले– जब तक सुधार न हो, तब तक चुनाव मत कराइए।
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मतदाता सूची दुरुस्त करो, वरना चुनाव मत कराओ! राज, उद्धव और शरद पवार पहुंचे चुनाव आयोग
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Maharashtra News: महाराष्ट्र के प्रमुख विपक्षी दलों ने मंगलवार (14 अक्टूबर) को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने मतदाता सूची में मौजूद गंभीर त्रुटियों पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि जब तक मतदाता सूची दुरुस्त नहीं होती, चुनाव मत कराइए। इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में MNS प्रमुख राज ठाकरे के अलावा शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, NCP (SP) के अध्यक्ष शरद पवार, और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी है- राज ठाकरे

राज ठाकरे ने कहा, ''मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी है। पिता की उम्र बेटे से कम कैसे हो सकती है? यह हास्यास्पद और गंभीर दोनों है। एक ही व्यक्ति का नाम दो-दो जगह कैसे दर्ज है? जब तक मतदाता सूचियों में सुधार नहीं होता, तब तक चुनाव मत कराइए।''

मतदाता पंजीकरण क्यों रोक दिया गया- राज ठाकरे

राज ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि जो युवा अब 18 वर्ष के हो रहे हैं, उन्हें मतदान का अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा, और चुनाव की घोषणा न होने के बावजूद अचानक मतदाता पंजीकरण क्यों रोक दिया गया? उन्होंने कहा, ''आपको 31 जनवरी तक चुनाव कराने का आदेश है। पहले हमें बताइए क्या आप सचमुच चुनाव के लिए तैयार हैं? जब मतदाता सूची में इतनी गड़बड़ी है, तब चुनाव कैसे कराएंगे?”

किसे वोट मिलता है, यह समझ नहीं आता- उद्धव ठाकरे

राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के प्रमुख को बुलाने की भी मांग की। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने भी मतदान प्रक्रिया पर संदेह जताते हुए कहा, “किसे वोट मिलता है, यह तक समझ नहीं आता।” इसी संदर्भ में राज ठाकरे ने कहा, “देशभर में अब कहीं चुनाव नहीं हो रहे, तो महाराष्ट्र में VVPAT (वीवीपैट) मशीनें लाओ। चुनाव में वीवीपैट लगाओ।”

15 अक्टूबर को फिर होगी बैठक

विपक्षी दलों की मंगलवार (14 अक्टूबर) को बैठक लगभग सवा घंटे चली, जिसमें सभी नेताओं ने गंभीर मुद्दे उठाए। अब बुधवार (15 अक्टूबर) को फिर एक और बैठक होगी, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त, प्रमुख अधिकारी और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक का समय और विवरण जल्द तय किया जाएगा। बैठक में मतदाता सूची की गड़बड़ी और चुनाव आयोग की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

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