

NSCI Scam: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया (NSCI) से जुड़े गबन मामले में निर्णायक कदम उठाते हुए अदालत में 10,526 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस कार्रवाई से खेल संगठन की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चार्जशीट में एनएससीआई अध्यक्ष जयंतीलाल शाह, सटेरी कंसल्टेंट्स और एसपी कंसल्टेंट्स के शैलेश परब, तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज सराफ को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आरोपियों पर क्लब की आड़ में करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है।
दरअसल, दिसंबर 2020 में ताड़देव पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में शुरू में 58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का अनुमान लगाया गया था। लेकिन ईओडब्ल्यू की गहन जांच के बाद सामने आया कि असल में 6.90 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। जांच में 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिससे केस की गंभीरता और पारदर्शिता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ कि एनएससीआई के बार और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए बीएमसी और पुलिस से लाइसेंस व एनओसी हासिल करने के नाम पर फर्जी चालान बनाए गए। इन चालानों के जरिए क्लब की तिजोरी से करोड़ों रुपये बाहर निकाले गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन कार्यों पर वास्तविक खर्च सिर्फ 13 लाख रुपये हुआ था, जबकि कागजों पर 6.90 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया। इस अंतर ने ही गबन की पोल खोल दी।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह गबन सुनियोजित तरीके से किया गया था और इसमें शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका साफ दिखाई देती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट की संलिप्तता ने इस धोखाधड़ी को और संगठित रूप दिया।
ईओडब्ल्यू ने कहा है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी संस्था की साख के साथ खिलवाड़ न हो। अदालत में पेश चार्जशीट से उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में जल्द ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होगी।
यह मामला न सिर्फ एनएससीआई के लिए बल्कि पूरे खेल जगत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि यह संगठन देशभर में प्रतिष्ठित माना जाता है। अब देखना होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
ईओडब्ल्यू ने एनएससीआई घोटाले में 6.90 करोड़ गबन का खुलासा करते हुए 10,526 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है और अध्यक्ष जयंतीलाल शाह समेत सलाहकारों व चार्टर्ड अकाउंटेंट को आरोपी बनाया है।