संतोष देशमुख हत्याकांड के मास्टरमाइंड वाल्मिक कराड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका हुई खारिज

Walmik Karad Bail Rejected: बीड के चर्चित सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद कराड की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Supreme Court rejects Valmik Karad's bail in Beed Santosh Deshmukh murder case
संतोष देशमुख हत्याकांड का आरोपी वाल्मिक कराड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Santosh Deshmukh Murder Case: महाराष्ट्र के बीड जिले के बहुचर्चित संतोष देशमुख हत्याकांड में मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड को देश की सर्वोच्च अदालत से करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कराड की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश की पीठ के समक्ष हुई इस सुनवाई में अदालत ने आरोपी को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अब वाल्मिक कराड का जेल में ही रहना तय है।

निचली अदालतों से पहले ही लग चुका है झटका

वाल्मिक कराड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले बीड जिला न्यायालय और बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में जमानत और दोषमुक्ति के लिए आवेदन किया था। हालांकि, अपराध की गंभीरता और मामले में मौजूद पुख्ता सबूतों को देखते हुए दोनों ही अदालतों ने उसकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला 9 दिसंबर 2024 का है, जब बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में सनसनी फैला दी थी। जांच में सामने आया कि यह हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें जबरन वसूली का मामला भी शामिल था। संतोष देशमुख ने कथित तौर पर एक विंडमिल प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनी से हो रही वसूली का विरोध किया था, जिसके बाद उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह खौफनाक कदम उठाया गया।

मोक्का के तहत कार्रवाई

पुलिस जांच और सीआईडी की चार्जशीट के अनुसार, वाल्मिक कराड इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। इसी आधार पर कराड और उसके साथियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कोर्ट में दलील दी थी कि कराड एक संगठित गिरोह चला रहा था और पर्दे के पीछे से इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

परिजनों की प्रतिक्रिया और फरार आरोपी

संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने पहले ही अदालत में कैविएट दाखिल की थी ताकि उनका पक्ष भी सुना जाए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई है कि मामले का एक अन्य आरोपी कृष्णा आंधले अभी भी फरार है। धनंजय देशमुख का आरोप है कि फरार आरोपी कई बार गांव में देखा गया है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले का ट्रायल एक साल के भीतर आगे नहीं बढ़ता है, तो कराड भविष्य में पुनः जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन फिलहाल उसे सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

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