
मंत्री गणेश नाइक (pic credit; social media)
Ganesh Naik Vs Shinde Sena: शिवसेना (शिंदे ग्रुप) के जिला प्रमुख किशोर पाटकर ने आरोप लगाया है कि गणेश नाईक की वजह से नवी मुंबई का विकास नहीं हो सका इसके अलावा शहर में मेट्रो लाइन नहीं आ सकी।
किशोर पाटकर के इस बयान की वजह से शिंदे ग्रुप और गणेश नाईक के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। वन मंत्री गणेश नाईक और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच विवाद एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है।
नवी मुंबई में शिवसेना (शिंदे ग्रुप) और भाजपा दोनों ही अपनी-अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। नाईक और शिंदे ग्रुप के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कुछ दिन पहले सांसद नरेश म्हस्के ने बयान दिया था कि नवी मुंबई शहर बाहर से सुंदर और अंदर से गंदा है।
गणेश नाईक ने उनके बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि नवी मुंबई सिर्फ ऊपर से सुंदर दिखता है लेकिन अंदर से गंदा है। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं, आप पांच साल से इस शहर को संभाल रहे हैं, आप लोगों ने इस शहर के लिए क्या काम किया है।
एक कार्यक्रम में शिवसेना (शिंदे ग्रुप) के जिला प्रमुख किशोर पाटकर ने गंभीर आरोप लगाया है लगाते हुए कहा कि गणेश नाईक का स्वभाव ऐसा है कि वह शिवसेना में रहते हुए बालासाहेब ठाकरे से लड़े, जब विलासराव देशमुख मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने उनसे लड़ाई की। जब पृथ्वीराज चव्हाण आए तो उन्होंने लड़ाई की। अब एकनाथ शिंदे शहरी विकास मंत्री हैं उनके साथ भी लड़ने का काम कर रहे हैं।
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मानखुर्द की झुग्गियों तक मेट्रो लाइन पहुंच गई। तलोजा और बेलापुर तक मेट्रो लाइन आ गई है। उनके घमंड की वजह से नवी मुंबई एक मॉडर्न शहर होने के बावजूद यहां मेट्रो लाइन शुरू नहीं हुई है। साथ ही एक भी नई बनी बिल्डिंग को ओसी नहीं मिला है। पानी की इतनी कमी है, ट्रैफिक जाम है। उनके गांव में सबसे ज्यादा बिना इजाजत कंस्ट्रक्शन ऐरोली डिवीजन में हुआ है, जो उनका चुनाव क्षेत्र है। आज यह परिवार नवी मुंबई को बर्बाद करने में नंबर वन है, ऐसा गंभीर आरोप पाटकर ने लगाया है। उन्होंने शहर में कितनी सड़कें बनाई हैं, लेकिन डेवलपमेंट प्लान में यह तक नहीं बताया कि मेट्रो लाइन इस रास्ते से गुजरनी चाहिए।






