
गणेश नाईक व एकनाथ शिंदे (डिजाइन फोटो)
Ganesh Naik On Eknath Shinde: नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बीच महायुति में शामिल भाजपा और शिंदे गुट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे गठबंधन में खटास खुलकर सामने आने लगी है।
भाजपा के कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नवी मुंबई महानगरपालिका की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) राशि 3 हजार करोड़ रुपये से घटकर 800 करोड़ रुपये कैसे रह गई, इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को करनी चाहिए।
नाईक ने सवाल उठाया कि आखिर यह पैसा कहां गया। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है, इसलिए इस पूरे मामले का जवाब भी उसी मंत्रालय को देना चाहिए।
भाजपा मंत्री ने आरोप लगाया कि सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) और नगर निगम प्रशासन में बिल्डरों के एजेंट बैठे हैं। उनके अनुसार प्लॉट सीधे बिल्डरों को दिए जा रहे हैं, जिससे शहर के नियोजित विकास पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गणेश नाईक ने यह भी दावा किया कि कोविड महामारी के गंभीर दौर में नवी मुंबई में आने वाली दवाइयों और इंजेक्शनों का गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
इन आरोपों पर शिंदे गुट के प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा मंत्री गणेश नाईक ने शिवसेना के प्रमुख नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी कर गठबंधन की मर्यादा तोड़ी है।
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महाजन ने स्पष्ट किया कि इस तरह के बयान महायुति के भीतर तनाव बढ़ाने का काम कर रहे हैं। चुनावी माहौल में सामने आए इस टकराव ने नवी मुंबई की राजनीति को और गरमा दिया है।






