BJP MLA allegations (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayander Controversy: मीरा-भाईंदर से भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर करीब 400 से 500 करोड़ रुपये की स्टैंप ड्यूटी चोरी और आदिवासी जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों के चलते महायुति सरकार पर दबाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि इस कथित घोटाले की आंच प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। पीएम कार्यालय ने इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मीरा-भाईंदर के भाजपा विधायक पर आरोपों की सूची काफी लंबी है। ‘सेवन इलेवन’ कंपनी के जरिए जमीन घोटाले, फ्लैट बिक्री के नाम पर ठगी, मैंग्रोव क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन कर क्लब निर्माण, किसानों की जमीन कम कीमत पर खरीदने, 79 करोड़ रुपये के रॉयल्टी घोटाले और मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत 217 करोड़ रुपये से बढ़कर 620 करोड़ रुपये होने जैसे आरोप शामिल हैं।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, निर्माण कार्यों के दौरान करोड़ों रुपये की स्टैंप ड्यूटी बचाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया है। यह मामला अब सीधे महायुति सरकार की साख से जुड़ गया है। राज्य में जारी बजट सत्र के बीच विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर रहा है।
मामला तब और गंभीर हो गया जब राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के एक आधिकारिक पत्र में विधायक का उल्लेख ‘भू-माफिया’ के रूप में सामने आया। 20 जून 2025 के इस पत्र में संबंधित कंपनी से 7 दिनों के भीतर बकाया राजस्व की वसूली के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। इसी तरह मीरा रोड के मैंग्रोव क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन कर क्लब निर्माण के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे चुका है।
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विधायक नरेंद्र मेहता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार का अवैध जमीन लेन-देन नहीं किया है। उन्होंने इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है। हालांकि, उनके खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है।