मुंबई विश्वविद्यालय का बड़ा कदम, स्नातक की पढ़ाई के साथ UPSC की तैयारी भी अब संभव
Mumbai News: मुंबई विश्वविद्यालय ने ठाणे मनपा के प्रशिक्षण संस्थान के साथ करार किया। अब स्नातक पाठ्यक्रम के साथ छात्रों को UPSC प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और क्रेडिट भी मिलेंगे।
- Written By: सोनाली चावरे
मुंबई विश्वविद्यालय (pic credit; social media)
Mumbai University: शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के लिए एक बड़ी पहल हुई है। मुंबई विश्वविद्यालय ने ठाणे मनपा के चिंतामणराव देशमुख प्रशासकीय प्रशिक्षण संस्थान के साथ समझौता किया है। इस करार के तहत अब स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान ही छात्र UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
समझौते पर मुंबई विश्वविद्यालय के कालीना परिसर स्थित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मनपा आयुक्त सौरभ राव और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविंद्र कुलकर्णी उपस्थित थे। ठाणे मनपा की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. प्रसाद करांडे ने भी करार पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मनपा के उपायुक्त (शिक्षा) सचिन सांगले, संस्थान के निदेशक महादेव जगताप और विश्वविद्यालय के डॉ. अजय भामरे मौजूद थे।
कुलपति प्रो. रविंद्र कुलकर्णी ने इसे ऐतिहासिक करार बताया। उनका कहना था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पाठ्यक्रम में कई तरह के प्रयोगों और अवसर प्रदान करती है। अब छात्र स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगे।
सम्बंधित ख़बरें
Akola News: 12 अगस्त को नासिक रोड-बडनेरा मेमू सहित कई ट्रेनें रद्द, जानें पूरी सूची
EXPLAINER: डॉक्टरों की हड़ताल से चरमराई महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था, जानें क्या है मिक्सोपैथी विवाद?
गूंगी गुड़िया विवाद में कूदी करुणा शर्मा, जय पवार से पूछा क्या धनंजय मुंडे को पार्टी से निष्कासित करेंगे?
तब चुप क्यों थे शिंदे? सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने दागे ये तीखे सवाल, एकनाथ से छिन जाएगा धनुष-बाण?
इस करार के तहत डिग्री पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में UPSC प्रतियोगी परीक्षा का पाठ्यक्रम उपलब्ध होगा। छात्रों को चार क्रेडिट मिलेंगे। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा का समय प्रबंधन, तैयारी की पद्धति और सफलता के मार्गदर्शन से परिचित कराया जाएगा।
मनपा आयुक्त सौरभ राव ने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्रों को सीधे लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि चार क्रेडिट देने वाले पाठ्यक्रम से छात्र परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकेंगे और स्नातक होने पर आत्मविश्वास के साथ मुकाबला कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि जितना जल्दी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू होगी, उतना बेहतर परिणाम मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता छात्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। अब छात्र अपनी पढ़ाई और करियर की तैयारी को एक साथ संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे। इस पहल से न सिर्फ छात्रों की तैयारी मजबूत होगी, बल्कि उन्हें वास्तविक प्रतियोगिता का अनुभव भी समय रहते मिलेगा।
