मुंबई-पुणे हाइवे पर अब लेज़र स्पीड कैमरे, तेज़ गति से चलने वाले वाहनों पर नजर
Mumbai Pune Highway Traffic Monitoring: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने अत्याधुनिक लेज़र स्पीड कैमरे लगाए हैं।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
laser speed gun traffic enforcement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: देशभर में राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण वाहनों की तेज गति मानी जाती है। इसके अलावा हाईवे पर निर्धारित लेन का पालन न करने वाले भारी वाहनों की वजह से भी दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक लेज़र स्पीड गन कैमरे लगाए जा रहे हैं।
वडगांव मावल और लोनावला खंड पर लगाए गए कैमरे
वडगांव मावल और लोनावला के बीच पुणे ग्रामीण पुलिस ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्नत लेज़र स्पीड कैमरे स्थापित किए हैं। यह प्रणाली निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से चलने वाले वाहनों की पहचान करने में सक्षम है।
24 घंटे होगी निगरानी
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, राजमार्ग पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं तेज गति और लापरवाही के कारण होती हैं। नए कैमरों की मदद से वाहनों की सटीक गति पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं को कम करने में सहायता मिलेगी।
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इन लेज़र गन कैमरों की खासियत यह है कि वे 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति को रिकॉर्ड कर सकते हैं। इससे पुलिस को अत्यधिक तेज गति से चलने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
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ग्लोबल रोड सेफ्टी पहल का हिस्सा
यह प्रोजेक्ट ग्लोबल रोड सेफ्टी पार्टनरशिप (GRSP) के साथ मिलकर पायलट बेसिस पर लागू किया जा रहा है। GRSP, ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज़ के ब्लूमबर्ग इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल रोड सेफ्टी (BIGRS) का पार्टनर है, जो दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम करता है।
अन्य यातायात उल्लंघनों पर भी नजर
उन्नत प्रणाली अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में भी सक्षम
यह उन्नत प्रणाली अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में भी सक्षम है। कैमरों के माध्यम से बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले सवारों और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों का भी पता लगाया जा सकेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक तकनीक से तेज गति से चलने वाली कारों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की निगरानी मजबूत होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने में मदद मिल सकती है।
