Mumbai Metro: 20 मिनट रुकी रही मेट्रो, दहशत में यात्री, गुंदवली स्टेशन के पास हुआ टेक्निकल फाल्ट
Mumbai Metro Line 7 Technical Fault: मुंबई मेट्रो लाइन-7 पर गुंदवली स्टेशन के पास तकनीकी खराबी के कारण सेवा 20 मिनट रुकी रही। यात्रियों में दहशत और सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति।
- Written By: अनिल सिंह
Mumbai Metro Line 7 Technical Fault (फोटो क्रेडिट-X)
Gundavali Metro Station: मुंबई की रफ्तार मानी जाने वाली मेट्रो सेवा को आज सुबह उस समय अचानक ‘ब्रेक’ लग गया, जब व्यस्त घंटों के दौरान एक तकनीकी खराबी आ गई। समय के साथ होड़ लगाने वाले लाखों मुंबईकरों के लिए जीवन रेखा बन चुकी मुंबई मेट्रो एक बार फिर तकनीकी दिक्कतों के कारण चर्चा में है। ऐन सुबह के समय हुई इस खराबी के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
मुंबई मेट्रो लाइन 7 यानी दहिसर पूर्व से गुंदवली मार्ग पर सुबह करीब 11 बजे तकनीकी खराबी की घटना सामने आई। दहिसर से गुंदवली की ओर आ रही मेट्रो ट्रेन अचानक बंद हो गई और लगभग 15 से 20 मिनट तक गुंदवली स्टेशन के पास ही खड़ी रही। इसके परिणामस्वरूप, मेट्रो का नियमित समय सारणी पूरी तरह चरमरा गई और स्टेशन परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
गुंदवली स्टेशन पर अफरा-तफरी और यात्रियों में दहशत
जैसे ही मेट्रो ट्रेन ट्रैक पर अचानक रुकी, डिब्बों के भीतर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन के न चलने और कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण लोग दहशत में आ गए। खराबी का पता चलते ही महामुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने तुरंत अपनी तकनीकी टीम को मौके पर भेजा। फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की गई, लेकिन अचानक सेवा बाधित होने से स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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सड़क यातायात पर पड़ा अतिरिक्त दबाव
मेट्रो सेवा ठप होने का सीधा असर शहर के सड़क यातायात पर भी देखने को मिला। मेट्रो पर निर्भर हजारों यात्री अचानक बस, ऑटो-रिक्शा और निजी वाहनों की ओर मुड़ गए, जिससे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। विशेष रूप से अंधेरी और गोरेगांव के इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। सार्वजनिक परिवहन का एक हिस्सा रुकने से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ना लाजमी था, जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी हुई।
मेट्रो की विश्वसनीयता पर उठने लगे सवाल
हाल ही में प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेट्रो के फेरे और सेवा का समय बढ़ाने का निर्णय लिया था। हालांकि, बार-बार आने वाली इन तकनीकी बाधाओं ने अत्याधुनिक मानी जाने वाली मेट्रो व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। रफ्तार, सुरक्षा और समय की पाबंदी मेट्रो की पहचान है, लेकिन ऐसी घटनाएं प्रबंधन के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन ने दावा किया है कि खराबी के सटीक कारणों की जांच की जा रही है और सेवा को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।
