मुंबई के समुद्री सफर में बड़ा बदलाव: रेडियो क्लब जेट्टी टर्मिनल का काम तेज, अब नहीं लगेगी गेटवे पर भीड़!
New Jetty Terminal Mumbai: मुंबई में 229 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे रेडियो क्लब जेट्टी टर्मिनल का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। पाइलिंग का काम शुरू होने से गेटवे ऑफ इंडिया पर दबाव कम होगा।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई पैसेंजर जेट्टी और टर्मिनल प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Radio Club Jetty Project: मुंबई में रेडियो क्लब के पास बन रहे नए जेट्टी टर्मिनल का काम तय समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ रहा है। महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के अनुसार, साइट पर पाइलिंग का काम जारी है और अब तक 30 पाइल पूरे किए जा चुके हैं। समुद्र में नींव को मजबूत बनाने के लिए भारी मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि समानांतर रूप से सुपर-स्ट्रक्चर के घटकों का निर्माण शुरू हो चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रीकास्ट बीम, स्लैब और पाइल कैप तैयार किए जा रहे हैं। इन संरचनात्मक हिस्सों के उत्पादन के लिए शिवडी में विशेष कास्टिंग यार्ड स्थापित किया गया है, जहां से तैयार सामग्री को बार्ज के माध्यम से साइट तक पहुंचाया जाएगा। निर्माण एजेंसी ने लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया है, ताकि समुद्री यातायात प्रभावित न हो।
मुख्य जेट्टी 214 मीटर लंबी और 12 मीटर चौड़ी
परियोजना की अनुमानित लागत 229.28 करोड़ है और इसे ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में कार्य प्रारंभिक संरचनात्मक चरण में है, जिसमें नीव को स्थिर करने और समुद्री धाराओं के प्रभाव को ध्यान में रखकर डिजाइन लागू किया जा रहा है। विशेषज्ञ टीम ज्वार-भाटा, हवा की गति और समुद्री तल की स्थिति की निगरानी कर रही है। पूरा होने पर यह जेट्टी 11,151 वर्ग मीटर का बर्थिग क्षेत्र उपलब्ध कराएगा, मुख्य जेट्टी 214 मीटर लंबी और 12 मीटर चौड़ी होगी।
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मुंबई पैसेंजर जेट्टी और टर्मिनल प्रोजेक्ट
350 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर भी प्रस्तावित
10 अतिरिक्त बर्थिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे एक समय में 20 बोट खड़ी की जा सकेंगी। परिसर में सुरक्षा जांच क्षेत्र, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल सुविधा, फायर सेफ्टी सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था होगी। 350 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर भी प्रस्तावित है।
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अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने पर गेटवे ऑफ इंडिया के पास मौजूद मौजूदा जेड्डी पर दबाव कम होगा, जहां अभी केवल पांच नौकाएं ही एक साथ लग पाती है और सालाना 30 से 35 लाख यात्री आवाजाही करते हैं। रेडियो क्लब जेड्डी के चालू होने के बाद यात्री प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा और पर्यटन क्षेत्र को भी राहत मिलेगी।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से अभिषेक पाठक की रिपोर्ट
