पीक ऑवर में मेट्रो ने फिर दिया धोखा, लाइन 2A और 7 ठप, घंटों फंसे रहे यात्री

Mumbai News: मुंबईकरों को फिर एक बार मेट्रो की लापरवाही का शिकार होना पड़ा। पीक ऑवर में अचानक लाइन 2A और 7 पर तकनीकी गड़बड़ी आने से हजारों लोग बीच रास्ते में फंस गए।
मुंबई मेट्रो स्टेशन (pic credit; social media)
मुंबई मेट्रो स्टेशन (pic credit; social media)
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Mumbai Metro: शुक्रवार की शाम ऑफिस से घर लौटते समय मुंबईकरों को फिर एक बार मेट्रो की लापरवाही का शिकार होना पड़ा। पीक ऑवर में अचानक लाइन 2A और 7 पर तकनीकी गड़बड़ी आने से हजारों लोग बीच रास्ते में फंस गए।

सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों और मीडिया को समय रहते कोई ठोस जानकारी नहीं दी। महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMOCL) ने एक्स (ट्विटर) पर बस इतना लिखा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण सेवाएं थोड़ी देर से चल रही हैं। लेकिन कितनी देर तक समस्या रहेगी और यात्रियों के पास क्या विकल्प है, इस पर कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई।

इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि शाम के व्यस्त समय में कई लोग घंटों तक स्टेशन और ट्रेनों के भीतर फंसे रहे। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक्स यूजर गौरव ने शाम 6:55 बजे लिखा। “मुंबई मेट्रो 2B धनुकरवाड़ी स्टेशन पर पिछले 30 मिनट से रुकी हुई है, आखिर समस्या क्या है?” ऐसे ही दर्जनों शिकायतें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती रहीं।

करीब 7:15 बजे जाकर MMOCL ने दूसरा ट्वीट किया और कहा कि तकनीकी समस्या हल हो गई है और एक घंटे के भीतर सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी। तब तक परेशान यात्री मजबूरन ऑटो, टैक्सी और बस का सहारा लेने को मजबूर हो गए।

मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) पर भी एक भूमिगत ट्रेन में तकनीकी खराबी आई। हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि मुंबई जैसी मेट्रो सिटी में बार-बार होने वाली इन तकनीकी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।

पीक ऑवर में ऑफिस से घर लौटने वाले यात्रियों का कहना है कि इस तरह की समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर देती हैं। समय की बर्बादी के साथ-साथ अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। वहीं मेट्रो प्रबंधन पर लोगों ने आरोप लगाया कि वह सिर्फ ट्वीट कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर देता है, जबकि जरूरत यात्रियों तक समय पर और सही जानकारी पहुंचाने की है।

मुंबईकरों को उम्मीद है कि बार-बार सामने आने वाली इन गड़बड़ियों का स्थायी समाधान जल्द निकाला जाएगा। वरना मेट्रो, जिस पर लाखों लोग भरोसा कर सफर करते हैं, वही उनके लिए रोज की परेशानी बन जाएगी।

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