-
मंगल, 30 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Marathwada Water Crisis Monsoon Delay Dams Dry Up Ground Report
मराठवाड़ा में पानी का हाहाकार! मानसून में देरी से सूखे 2 बड़े जलाशय, बाकी बचे 9 बांधों में बचा सिर्फ इतना पानी
- Written By: आकाश मसने
Marathwada Water Crisis: मराठवाड़ा में मानसून की देरी से जल संकट गहरा गया है। क्षेत्र के 11 प्रमुख बांधों में पानी घटकर 33.59% रह गया है, जबकि दो जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं।

निम्न दुधना बांध (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
Marathwada Dams Dry: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में मानसून की बेरुखी ने आम जनता से लेकर प्रशासन तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जून का महीना बीतने को है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने की वजह से पूरे क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मराठवाड़ा की 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में जल स्तर घटकर महज 33.59 प्रतिशत रह गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि क्षेत्र के दो बड़े जलाशय पूरी तरह से सूख चुके हैं।
औसत से बेहद कम हुई बारिश
एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर समेत 8 जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में जून महीने में होने वाली अनुमानित वर्षा की तुलना में केवल 79.6 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। क्षेत्र में आम तौर पर होने वाली 129.5 मिलीमीटर की औसत बारिश के मुकाबले अब तक केवल 103.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
पिछले साल के मुकाबले चिंताजनक हालात
रिपोर्ट में कहा गया है कि पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण इन 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 182.07 अरब घन फुट (TMC) है। 29 जून 2026 तक इन जलाशयों में उनकी क्षमता का केवल 33.59 प्रतिशत पानी बचा था, जो पिछले साल इसी दिन दर्ज किए गए 42.85 प्रतिशत (78.01 टीएमसी) के मुकाबले काफी कम है।
सम्बंधित ख़बरें
आर्केस्ट्रा की आड़ में चलने वाले डांस बार पर CM फडणवीस की नजर, सदन में बोले- कानून में होगा बदलाव
महाराष्ट्र की गोलीबारी की वारदातों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और विदेश ताकतों का हाथ, CM फडणवीस का बड़ा खुलासा
मेरी शुभकामनाएं, सचिन अहीर ने शिंदे गुट में जाने से पहले उद्धव को भेजे संदेश में क्या कहा?
महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर अब 76 दिनों तक प्रतिबंध, मछुआरों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
दो बड़े बांध पूरी तरह हुए खाली
सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो धाराशिव और हिंगोली जिलों में स्थिति सबसे ज्यादा डरावनी है। धाराशिव की सीना कोलेगांव परियोजना में जल स्तर शून्य से नीचे यानी -2.87 प्रतिशत पहुंच गया है। वहीं, हिंगोली की सिद्धेश्वर परियोजना पूरी तरह खाली हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी समय इसमें 21.39 प्रतिशत पानी मौजूद था। इसके अलावा, बीड जिले की माजलगांव परियोजना में 18.75 प्रतिशत और मांजरा परियोजना में केवल 19.12 प्रतिशत पानी ही शेष है।
मराठावाड़ा अन्य प्रमुख बांधों की वर्तमान स्थिति
- जायकवाड़ी (छत्रपति संभाजीनगर): 28.03 प्रतिशत
- निम्न दुधना (परभणी): 25.50 प्रतिशत
- येलदरी (परभणी): 51.70 प्रतिशत
- पेनगंगा (नांदेड़): 44.97 प्रतिशत
- मानार (नांदेड़): 40.49 प्रतिशत
- निम्न तेरणा (धाराशिव): 35.06 प्रतिशत
- विष्णुपुरी (नांदेड़): 36.51 प्रतिशत
मुंबई को जलापूर्ति करने वाले जलाशयों में बचा 7 प्रतिशत पानी
बता दें कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाले 7 जलाशलों में भी जलसंकट गहरा गया है। इन सात जलाशयों में पानी कुल भंडारण क्षमता का 7 प्रतिशत से भी कम रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। मुंबई और उसके महानगरीय क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने वाली जलाशय प्रणाली में भातसा, अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, तुलसी और विहार जलाशय शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:- क्या नारियल से खोजा जा सकता है जमीन के नीचे का पानी, जानिए अंधविश्वास और विज्ञान का पूरा सच
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे तक इन सातों जलाशयों में कुल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी मौजूद था, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का केवल 6.93 प्रतिशत है। इसके विपरीत, पिछले वर्ष इसी अवधि में इन जलाशयों में कुल क्षमता का 39.5 प्रतिशत यानी 5,71,670 मिलियन लीटर पानी था।
Marathwada water crisis monsoon delay dams dry up ground report
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मराठवाड़ा में पानी का हाहाकार! मानसून में देरी से सूखे 2 बड़े जलाशय, बाकी बचे 9 बांधों में बचा सिर्फ इतना पानी
Jun 30, 2026 | 07:15 PMदीपिका पादुकोण की मांग के समर्थन में आए इंद्रजीत लंकेश, बोले- वर्किंग मदर्स के लिए जरूरी है संतुलित शेड्यूल
Jun 30, 2026 | 07:08 PMनाबालिग प्रेमिका से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, पूरामुफ्ती में घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा
Jun 30, 2026 | 07:06 PMसावन आने से पहले घर में छिपी ये 5 चीजें बदल सकती हैं आपकी किस्मत! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
Jun 30, 2026 | 07:05 PMदेश पर बढ़ा विदेशी कर्ज, ₹72,00,000 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा; आम आदमी पर क्या असर?
Jun 30, 2026 | 07:02 PMआर्केस्ट्रा की आड़ में चलने वाले डांस बार पर CM फडणवीस की नजर, सदन में बोले- कानून में होगा बदलाव
Jun 30, 2026 | 06:59 PMमहाराष्ट्र की गोलीबारी की वारदातों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और विदेश ताकतों का हाथ, CM फडणवीस का बड़ा खुलासा
Jun 30, 2026 | 06:51 PMवीडियो गैलरी

Indus Water Treaty: भारत के एक फैसले से पाकिस्तान परेशान! सिंधु के जल को लेकर मचा घमासान!, VIDEO
Jun 30, 2026 | 05:14 PM
प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला, भाई ने तोड़ा अस्पताल का गेट; 20KM बाइक से तय किया सफर, देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:15 PM
राम मंदिर दान चोरी पर भड़के हुसैन दलवाई, चंपत राय पर साधा निशाना; UCC पर दिया बड़ा बयान, देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:10 PM
चीन-पाकिस्तान में सस्ता हुआ पेट्रोल, तो भारत में क्यों नहीं घट रहे दाम? सामने आई इसके पीछे की असली वजह- VIDEO
Jun 29, 2026 | 11:09 PM
3 साल की मासूम से दरिंदगी के दोषी को मिली फांसी की सजा, नवभारत न्यूजरूम में छिड़ी तीखी बहस; देखें VIDEO
Jun 29, 2026 | 10:47 PM
UP Electricity Crisis: UP में बिजली कटौती पर भड़के मंत्री अनिल कुमार, चीफ इंजीनियर की फोन पर लगाई क्लास- VIDEO
Jun 29, 2026 | 10:28 PM












