Sunetra Pawar meeting (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mantralaya Bribery Case: महाराष्ट्र के मुख्य प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय स्थित मंत्री कार्यालय में सामने आई रिश्वतखोरी की घटना को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने गंभीरता से लिया है। अपनी पार्टी के नेता और महायुति सरकार में कैबिनेट मंत्री नरहरि झिरवल के विभाग में हुई इस शर्मनाक घटना पर उन्होंने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने सोमवार शाम 6 बजे पार्टी की कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में मंत्री झिरवल पर कार्रवाई हो सकती है।
मंत्री झिरवल के अधीन आने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। आरोप है कि लिपिक राजेंद्र ढेरंगे ने एक दवा विक्रेता का निलंबित लाइसेंस दोबारा शुरू कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें से 35 हजार रुपये लेते समय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सीधे मंत्रालय से जुड़ी होने के कारण प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर खलबली मच गई है।
झिरवल के मंत्रालय से जुड़े इस रिश्वतखोरी प्रकरण का सीधा असर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की छवि पर पड़ा है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार और खासकर पार्टी नेतृत्व पर जोरदार हमला बोल रहे हैं तथा मंत्री झिरवल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद पार्टी पहली बार इस तरह के बड़े राजनीतिक संकट का सामना करती नजर आ रही है। ऐसे में सुनेत्रा पवार, झिरवल पर कार्रवाई कर अन्य नेताओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि पार्टी और सरकार की छवि पर दाग लगाने वाली गतिविधियां बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
दूसरी ओर कार्रवाई की आशंका को देखते हुए मंत्री झिरवल अलर्ट मोड में आ गए हैं। उन्होंने पहले ही इस प्रकरण से अपना सीधा संबंध होने से इनकार किया है। साथ ही खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए विभाग की सतर्कता टीम को मामले की गहन और गोपनीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रशासन में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इसके अलावा, आरोपी लिपिक राजेंद्र ढेरंगे की प्रतिनियुक्ति तत्काल रद्द कर दी गई है और उन्हें मूल विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में वापस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल, कोर कमेटी की बैठक में क्या फैसला होता है और पार्टी मंत्री झिरवल के बारे में क्या रुख अपनाती है, इस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, इसी बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक पर भी चर्चा हो सकती है।