पीए ने मांगे पैसे, मंत्री भी शामिल? मंत्रालय रिश्वत प्रकरण में मंत्री नरहरी झिरवल की मुश्किलें बढ़ीं

Narhari Jhirwal: मंत्रालय रिश्वत कांड में क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद मंत्री नरहरी झिरवल के पीए का नाम सामने आने से विवाद गहराया, जांच की आंच अब मंत्री तक पहुंचने की चर्चा तेज हुई है।
PA bribery allegations
Mantralaya bribery case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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FDA Ministry Bribery Case: मंत्रालय में सामने आए रिश्वत कांड के कारण राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई की आंच अब मंत्री तक भी पहुंचती दिखाई दे रही है।

पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब मंत्रालय की तीसरी मंजिल पर स्थित मंत्री नरहरी झिरवल के कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत राजेंद्र ढेरंगे को एसीबी की टीम ने 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि ढेरंगे ने एक मेडिकल स्टोर का निलंबित लाइसेंस बहाल करने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की थी। पहली किस्त लेते समय उसे गिरफ्तार किया गया।

पीए का नाम आने से बढ़ा बवाल

शुरुआत में मंत्री झिरवल ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि इस भ्रष्टाचार में उनका हाथ पाया गया तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, गिरफ्तार क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने मंत्री के निजी सहायक (पीए) रामदास गाडे के कहने पर ही पैसे लिए थे। पीए का नाम सामने आने के बाद अब जांच की सुई मंत्री के करीबियों और स्वयं मंत्री की ओर मुड़ती दिखाई दे रही है।

झिरवल हुए ‘नॉट रीचेबल’

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री झिरवल ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। नासिक में आयोजित ‘राज्य स्तरीय आदिवासी साहित्य संस्कृति सम्मेलन’ का उद्घाटन उनके हाथों होना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। आयोजकों के अनुसार उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही उनकी ओर से कोई संदेश मिला है। उनके अचानक संपर्क से बाहर होने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सीएम को देंगे सफाई

सूत्रों का दावा है कि मंत्री झिरवल फिलहाल नाशिक में ही हैं और अगले एक-दो दिनों में मुंबई पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रकरण पर अपनी सफाई पेश करेंगे।

जांच पूरी होने दें

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने कहा, “नरहरी झिरवल के विभाग में हुई कार्रवाई की पुलिस जांच जारी है। सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। झिरवल ने स्वयं कहा है कि दोष सिद्ध होने पर वह इस्तीफा देंगे, इसलिए हमें जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।”

‘तो रेट लिस्ट ही लगा दें’

केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के सचिव अनिल नावंदर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रालय में ही इस तरह का भ्रष्टाचार होना गंभीर बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीए की संलिप्तता वाले मामले की जानकारी मंत्री को न हो, यह संभव नहीं है। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिए। संगठन इस पर विचार करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।

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