द्वारका-नासिकरोड ‘दस लेन’ हाईवे को केंद्र की मंजूरी, 244 करोड़ की लागत से बनेगा 8 किमी लंबा मार्ग
Nashik Road Highway: नासिक में द्वारका से नासिक रोड तक 8 किमी लंबे 10-लेन हाईवे को केंद्र की मंजूरी मिली है, जिससे कुंभमेला से पहले ट्रैफिक जाम से राहत और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Nashik traffic relief project (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Dwarka: सिंहस्थ कुंभमेले के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। द्वारका सर्कल पर अंडरपास की मंजूरी के बाद अब केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने द्वारका से नासिक रोड के बीच 8 किलोमीटर लंबे ‘दस लेन’ हाईवे के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय से द्वारका और पुणे हाईवे पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
244 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत, जल्द शुरू होगी निविदा प्रक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सुझाव पर नगर निगम ने ‘व्हाइट टैपिंग’ के स्थान पर डामरीकरण का 244 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव पेश किया था। दिल्ली में एनएचएआई अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अब नगर निगम ने इस परियोजना की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
नियो मेट्रो की जगह अब चौड़ा हाईवे
पहले भारतमाला योजना के तहत द्वारका से दत्त मंदिर तक फ्लाईओवर प्रस्तावित था, लेकिन ‘नियो मेट्रो’ परियोजना के कारण यह योजना अधर में लटक गई थी। अब केंद्र द्वारा नियो मेट्रो परियोजना को रद्द किए जाने के बाद नगर निगम आयुक्त मनीषा खत्री ने सड़क चौड़ीकरण का नया प्रस्ताव तैयार किया। इस हाईवे के बन जाने से सिन्नर, शिर्डी और पुणे जाने वाले वाहनों को सुगम मार्ग मिलेगा।
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भविष्य की मेट्रो के लिए भी जगह आरक्षित
भले ही केंद्र ने नियो मेट्रो परियोजना को रद्द कर दिया हो, लेकिन राज्य सरकार ने नियमित मेट्रो का विकल्प खुला रखा है। इसी दूरदर्शी योजना के तहत इस दस लेन सड़क के बीचों-बीच मेट्रो पिलर खड़े करने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जाएगी। सड़क के दोनों ओर पांच-पांच लेन होंगी और मध्य भाग मेट्रो के लिए आरक्षित रहेगा।
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प्रमुख चौराहों पर बनेंगे अंडरपास और फ्लाईओवर
सड़क के दस लेन होने के बावजूद काठे गली सिग्नल, बोधलेनगर, गांधीनगर और उपनगर जैसे प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रह सकती है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन दूसरे चरण में इन चौराहों पर अंडरपास या छोटे फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भी एनएचएआई को भेजने की तैयारी कर रहा है।
