क्या अजित पवार के विमान था टाइम बम? NCP नेता आनंद परांजपे ने जांच में नए एंगल से मचाया हड़कंप

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने हादसे में 'टाइम बम' और साजिश के एंगल से जांच की मांग की है।
NCP Leader Anand Paranjpe Claim Ajit Pawar Plane Crash
अजित पवार प्लेन क्रैश, एनसीपी नेता आनंद परांजपे (डिजाइन फोटो)
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NCP Leader Anand Paranjpe Claim: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता आनंद परांजपे ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर एक बड़ा बयान दिया। परांजपे ने इस पूरी घटना में किसी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए मांग की है कि जांच एजेंसियों को 'टाइम बम' वाले एंगल से भी गहनता से तफ्तीश करनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

28 जनवरी को बारामती में लैंडिंग के दौरान अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था, जिसमें उनकी दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। शुरुआती रिपोर्टों में इसे तकनीकी खराबी या खराब मौसम का परिणाम माना जा रहा था, लेकिन अब आनंद परांजपे के दावों ने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। परांजपे का कहना है कि जिस तरह से विमान में धमाका हुआ और वह क्रैश हुआ, वह सामान्य तकनीकी खराबी जैसा नहीं लगता।

साजिश की आशंका और आनंद परांजपे का तर्क

एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अजित दादा एक बेहद सुरक्षित और आधुनिक विमान का उपयोग कर रहे थे। अचानक इस तरह का हादसा होना कई सवाल खड़े करता है। हमें अंदेशा है कि कहीं विमान में पहले से ही कोई विस्फोटक या 'टाइम बम' तो फिट नहीं किया गया था? इस एंगल की जांच होना बहुत जरूरी है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का कद बहुत बड़ा था और उनके दुश्मनों की कमी नहीं थी। ऐसे में इस हादसे को महज एक इत्तेफाक मानकर फाइल बंद कर देना जल्दबाजी होगी। परांजपे ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए जिसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ-साथ विस्फोटक विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

परांजपे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां विपक्षी दल इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि जांच जारी है और बिना सबूतों के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। हालांकि, 'टाइम बम' के इस दावे ने सोशल मीडिया और आम जनता के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।

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