
महारेरा (फोटो: गूगल)
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने वर्ष 2025 में कई ऐसे अहम और पथदर्शक निर्णय लिए, जिनसे घर खरीदारों को कानूनी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है।
इन फैसलों का दीर्घकालीन और सकारात्मक प्रभाव पूरे स्थावर संपदा क्षेत्र पर पड़ता दिखाई दे रहा है। महारेरा के अनुसार, नवंबर 2025 तक दर्ज सभी शिकायतों पर या तो सुनवाई पूरी कर ली गई है या उनकी तिथि निर्धारित कर दी गई है।
वर्ष 2025 में जहां 5,039 नई शिकायतें दर्ज हुई, वहीं रिकॉर्ड 6,945 मामलों का निपटारा कर घर खरीदारों को बड़ी राहत दी गई। इससे पहले 2024 में 3,824 और 2023 में 2,784 मामलों का निपटारा हुआ था। अब शिकायत दर्ज होने के एक से दो महीने के भीतर सुनवाई शुरू होने की स्थिति पहली बार बनी है।
महारेरा ने वरिष्ठता क्रम के बिना सुनवाई के राष्ट मानदंड भी घोषित किए हैं, गंभीर बीमारी, पुनर्विलोकन या सुधार याचिका, उच्च न्यायालय के विशेष आदेश या दोनों पक्षों की सहमति जैसे मामलों में प्राथमिकता से सुनवाई की जा सकेगी।
वर्ष 2025 में कुल 4,282 आवासीय परियोजनाओं को महारेरा पंजीकरण क्रमांक प्रदान किए गए, इनमें सबसे अधिक 1,144 परियोजनाएं पूर्ण की है, जबकि मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 690 परियोजनाओं को मंजूरी मिली।
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क्षेत्रीय स्तर पर मुंबई महानगर क्षेत्र 2.119 परियोजनाओं के साथ अग्रणी रहा। इसके अलावा, राज्य के सभी 481 नियोजन प्राधिकरणों को महारेरा प्रणाली से जोड़ दिया गया है, जिससे निर्माण प्रारंभप्रमाणपत्र की ऑनलाइन पुष्टि संभव हो सकी है।






