- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Maharashtra Tiger Death Electrocution Ntca Data Pil Conservation Fund Issue
Maharashtra Tiger: बाघों की मौत से हाहाकार, बिजली के झटकों की वजह से मरने वाले बाघों का चौंकाने वाला आंकड़ा
Maharashtra Tiger Death: महाराष्ट्र में बाघों की मौत पर हाहाकार। पिछले 12 सालों में 298 बाघों की मौत। बिजली के झटके और मानवीय लापरवाही बनी बड़ी वजह। जांच लंबित, फंड की कमी।
- Written By: अनिल सिंह

Maharashtra Tiger Death (फोटो क्रेडिट-X)
Bombay High Court on Tiger Death: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें महाराष्ट्र में बाघों की लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताई गई है। याचिका में NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिसने राज्य प्रशासन और संरक्षणवादियों के बीच खलबली मचा दी है।
पिछले 12 सालों में राज्य ने अपने 298 अनमोल बाघों को खो दिया है। यह आंकड़ा न केवल संरक्षण के दावों की पोल खोलता है, बल्कि इंसानी दखल के विनाशकारी परिणामों को भी उजागर करता है। इन मौतों में से 110 सीधे तौर पर मानवीय गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिनमें शिकार, बिजली का करंट और अन्य लापरवाही शामिल हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिस पर कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
33 बाघों की मौत सिर्फ बिजली के झटके लगने से हुई
बाघों की मौत के पीछे इंसानी दखल एक बड़ी और चिंताजनक वजह बनकर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 33 बाघों की मौत सिर्फ बिजली के झटके लगने से हुई है। यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि जंगलों के बीच से गुजरने वाली बिजली लाइनों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम कितने कमजोर और नाकाफी हैं।
सम्बंधित ख़बरें
ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार हताशा की निशानी, शिव सेना नेता Shaina NC ने साधा निशाना
बारामती में सुनेत्रा पवार की महाविजय, 2 लाख से ज्यादा वोटों से रचा इतिहास, कृष्णा हेगड़े ने बताया जीत का राज़
कोर्ट के फैसले और समय का चक्र, चुनाव आयोग की अनियमितताओं पर आनंद दुबे ने उठाए बुनियादी सवाल
बदलापुर में सजेगा छत्रपति शिवाजी महाराज कप का मंच, डिप्टी सीएम ने किया स्पर्धा के लोगो का अनावरण
ये भी पढ़ें- मराठा आंदोलन में लाठीचार्ज, शंभुराज पर हमला, विवादित रहा है सतारा एसपी का फैसला, जानें कौन हैं तुषार दोशी?
फंड की कमी का हवाला
सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिजली लाइनों को सुरक्षित करने के स्पष्ट निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन उन पर जमीन पर ठीक से अमल नहीं हो पाया है। राज्य की बिजली कंपनी महावितरण ने इस काम के लिए करीब 82.44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दिए थे, लेकिन फंड की कमी का हवाला देकर यह महत्वपूर्ण काम अभी तक अटका हुआ है। यही वजह है कि बाघों की जान पर खतरा लगातार बना हुआ है और वे अनजाने में इन मौत के जालों में फंस रहे हैं।
143 केस पूरी तरह अनसुलझे हैं
सुरक्षा उपायों में कमी और फंड की किल्लत के साथ-साथ, बाघों की मौत के मामलों की जांच भी समय पर नहीं हो पा रही है। हैरानी की बात है कि साल 2025 तक करीब 92.9 फीसदी मामले अभी भी लंबित बताए जा रहे हैं, जबकि 143 केस पूरी तरह अनसुलझे हैं। यह स्थिति अपराधियों के हौसले बढ़ाती है और संरक्षण के प्रयासों को कमजोर करती है।
विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के आधिकारिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे हैं। जनहित याचिका में दावा किया गया है कि 2021 से 2025 के बीच हुई 16 बाघों की मौतों का कोई रिकॉर्ड आधिकारिक डेटा में मौजूद नहीं है। यह आंकड़ों की बाजीगरी और पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है, जो संरक्षण के लिए सही रणनीतियां बनाने में बाधक है।
कोई खास फंड नहीं
सबसे हैरानी की बात यह है कि जब आंकड़े लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं और बाघों की गूंजी चीखें सुनाई दे रही हैं, तब भी 2025-26 के बजट में बाघ संरक्षण के लिए कोई खास फंड नहीं रखा गया है। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या संरक्षण को लेकर गंभीरता वाकई दिखाई जा रही है या यह सिर्फ कागजी दावों तक ही सीमित है। जब तक ठोस कदम और पर्याप्त संसाधन नहीं जुटाए जाएंगे, तब तक महाराष्ट्र के जंगलों में बाघों की दहाड़ खामोश होती रहेगी।
Maharashtra tiger death electrocution ntca data pil conservation fund issue
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Hanuman Chalisa: 40 दिन तक हनुमान चालीसा के पाठ से क्या होगा? जानते साथ शुरू कर देंगे!
May 05, 2026 | 09:31 PMममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार हताशा की निशानी, शिव सेना नेता Shaina NC ने साधा निशाना
May 05, 2026 | 09:30 PMजालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर स्कूटी में धमाका, आग से मचा हड़कंप
May 05, 2026 | 09:27 PMSIP vs Post Office Investment: रिटायरमेंट के लिए कौन है बेहतर विकल्प? जानिए फायदे और नुकसान
May 05, 2026 | 09:22 PMMP News: तेज तर्रार और एकदम सटीक…भोपाल में NSG की हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल, बंसल वन में किया अभ्यास
May 05, 2026 | 09:21 PMबारामती में सुनेत्रा पवार की महाविजय, 2 लाख से ज्यादा वोटों से रचा इतिहास, कृष्णा हेगड़े ने बताया जीत का राज़
May 05, 2026 | 09:02 PMउज्जैन में दोस्त की बहन का एग्जाम देने आई थी JEE पास लड़की, 3 हजार रुपये के लिए किया करियर खराब!
May 05, 2026 | 09:01 PMवीडियो गैलरी

TMC के गुंडे अब पंचर बनाएंगे… बंगाल फतह के बाद सीएम योगी बड़ा बयान, देखें VIDEO
May 05, 2026 | 12:09 PM
ममता बनर्जी के ‘वोट टैंपरिंग’ वाले दावे पर AIMIM प्रवक्ता का बड़ा बयान, विपक्ष को दी आत्म-मंथन की सलाह
May 05, 2026 | 11:52 AM
बंगाल जीत के बाद भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय, बोले- मुझ पर बलात्कार, बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर लगाए गए
May 04, 2026 | 04:59 PM
बंगाल में लाठीचार्ज, कहीं खून खराबा तो कहीं चले लात घूसे, काउंटिंग के दौरान BJP-TMC समर्थकों का हंगामा, VIDEO
May 04, 2026 | 03:50 PM
Assam Election 2026: ‘पंजे’ पर भारी पड़ रहा ‘कमल’, रूझानों में बीजेपी आगे, असम में फिर चला हिमंता का जादू
May 04, 2026 | 01:08 PM
West Bengal Elections: बंगाल में कमल खिलेगा! शुरुआती रुझानों में BJP की बढ़त पर क्या बोले राजनेता- VIDEO
May 04, 2026 | 12:01 PM












