महाराष्ट्र के 18000 स्कूलों पर बंद होने का खतरा! शिक्षक 5 दिसबंर को सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
Maharashtra School Closure: महाराष्ट्र में 18,000 स्कूल बंद होने के खतरे पर शिक्षक संघों की बड़ी चेतावनी। शासन निर्णय से हजारों शिक्षक अतिरिक्त, 5 दिसंबर को राज्यव्यापी बंद।
- Written By: प्रिया जैस
शिक्षकों का आंदोलन (AI Generated Photo)
School Shutdown Dec 5: महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग ने 15 मार्च 2024 को जारी किए गए एक शासन निर्णय ने पूरे राज्य की सरकारी व अनुदानित स्कूलों को गहरे संकट में डाल दिया है। इस नए नियम के तहत 5 दिसंबर तक होने वाली ‘संच मान्यता’ (स्टाफ सैंक्शन) प्रक्रिया के बाद कम छात्र संख्या वाली करीब 18,000 से ज्यादा स्कूलों को बंद करना पड़ेगा और सैकड़ों शिक्षक अतिरिक्त घोषित हो जाएंगे।
शिक्षक संघों का कहना है कि इस नीति से राज्य की पूरी सरकारी-अनुदानित शिक्षा व्यवस्था ही खतरे में पड़ जाएगी। विरोध में राज्य की 12 से अधिक शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी यूनियनों ने एकजुट होकर 5 दिसंबर को पूरे महाराष्ट्र में सभी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है।
महाराष्ट्र राज्य शिक्षक सेना के अध्यक्ष एवं शिक्षक विधायक ज. मो. अभ्यंकर ने सभी स्कूलों और शिक्षा संस्था संचालकों को पत्र लिखकर 5 दिसंबर को स्कूल बंद रखकर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज करने की अपील की है।
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मुख्याध्यापक-शिक्षकों के 25 हजार पद हो जाएंगे अतिरिक्त
15 मार्च 2024 के शासन निर्णय के कारण 5 दिसंबर 2025 तक होने वाली संच मान्यता प्रक्रिया में भारी उथल-पुथल होगी।
- 9वीं-10वीं कक्षा चलाने वाली करीब 10 हजार स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक या शिक्षिका ही रखी जाएगी, बाकी सभी अतिरिक्त घोषित कर दिए जाएंगे।
- कक्षा 6 से 8वीं तक की लगभग 7-8 हजार स्कूलों में सिर्फ एक या दो शिक्षक ही बचे रहेंगे, शेष अतिरिक्त हो जाएंगे।
- कम से कम 4-5 हजार स्कूलों में 5वीं कक्षा बिना शिक्षक के चलाने की नौबत आएगी।
- मुख्याध्यापक, उपमुख्याध्यापक और पर्यवेक्षकों सहित कुल 20 से 25 हजार शिक्षकीय पद अतिरिक्त हो जाएंगे।
- राज्य की 25 से 30 रात्रि स्कूलें और गांव-कस्बों में चल रही करीब 18 हजार छोटी स्कूलें पूरी तरह बंद हो जाएंगी।
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शिक्षकों के काम कम होने की बजाय बढ़ते जा रहे
संच मान्यता और उसकी यह नीति असल में स्कूल बंद करने की दिशा में ले जाने वाला सूत्र है। इसी वजह से रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके शिक्षकों पर भी टीईटी थोप दी गई। अनावश्यक गैर-शैक्षणिक कामों के बोझ को लेकर सरकार कोई नीतिगत बदलाव नहीं कर रही, बल्कि ये काम कम करने की बजाय और बढ़ाती जा रही है। इसीलिए 5 दिसंबर को पूरे राज्य में स्कूल बंद रखे जाएंगे।
– जालिंदर सरोदे, राज्य कार्याध्यक्ष, शिक्षक संघ
