अहमदाबाद रेलवे स्टेशन बनेगा विश्वस्तरीय हब, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की कार्य प्रगति की समीक्षा
Ashwini Vaishnaw: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की समीक्षा की, जहां स्टेशन को विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ahmedabad railway station redevelopment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahmedabad Railway Station Redevelopment: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का दौरा कर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारतीय रेल इस समय देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों के उन्नयन और आधुनिकीकरण में जुटी है, जिनमें अहमदाबाद स्टेशन एक प्रमुख परियोजना के रूप में शामिल है। परियोजना के अंतर्गत स्टेशन पर तीन नए प्लेटफॉर्म जोड़े जाएंगे, जिससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्टेशन को कालूपुर और सरसपुर, दोनों ओर से आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है तथा इसे विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो रेल, सड़क और अन्य परिवहन साधनों को एक छत के नीचे जोड़ेगा।
निर्माण कार्यों की ताज़ा स्थिति
समीक्षा के दौरान प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, MMTH भवन के दक्षिण दिशा के निचले भाग का 58.2% कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ऊपरी भाग का 24.0% कार्य प्रगति पर है। भवन की 7वीं और 8वीं मंजिल पर निर्माण कार्य जारी है। पार्सल भवन टी-6 लगभग पूर्णता की ओर है, जिसका 99% कार्य संपन्न हो चुका है।
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एलिवेटेड रोड परियोजना का 67.3% कार्य पूरा हो चुका है और पियर P-1 से P-41 तक के सभी निर्माण कार्य संपन्न हो चुके हैं। स्टेशन भवन के कॉनकोर्स और मेजेनाइन/रूफ संरचना का 20.8% कार्य पूरा है तथा कॉनकोर्स की एरेक्शन प्रक्रिया जारी है।
संरचनात्मक कार्यों की प्रगति
स्टील फैब्रिकेशन और संरचनात्मक एरेक्शन कार्य पांचवीं मंजिल तक पूरा हो चुका है, जबकि छठी से आठवीं मंजिल तक फैब्रिकेशन लगभग 70% पूर्ण है और एरेक्शन जारी है। डेक स्लैब कास्टिंग चौथी मंजिल तक पूरी हो चुकी है और पांचवीं मंजिल की कास्टिंग 50% तक पहुंच चुकी है।
बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में ब्लॉक वर्क और प्लास्टर का 85% कार्य पूरा हो चुका है। प्लेटफॉर्म संख्या 10 और लाइन 16 पर रिसर्फेसिंग, MEPF और बैलास्टलेस ट्रैक (BLT) कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्म 9 और लाइन 15 पर BLT कार्य पूर्ण होकर रिसर्फेसिंग प्रगति पर है।
विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं
यह परियोजना आधुनिकता और विरासत के अनूठे संगम का उदाहरण बनेगी। ऐतिहासिक ‘ईंट मीनार’ और ‘झूलता मीनार’ का संरक्षण परियोजना का अभिन्न हिस्सा है। लगभग 15 एकड़ में कॉनकोर्स प्लाज़ा और 7 एकड़ में मेजेनाइन प्लाज़ा विकसित किए जा रहे हैं, जहां आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, फूड कोर्ट और वाणिज्यिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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इसके अलावा स्टेशन को हरित भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्नत निगरानी प्रणाली, स्वचालित पार्सल प्रबंधन और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं भी इस परियोजना की विशेषता हैं। परियोजना पूर्ण होने पर अहमदाबाद रेलवे स्टेशन न केवल गुजरात, बल्कि पूरे देश के लिए आधुनिक रेलवे अवसंरचना और संरक्षित सांस्कृतिक विरासत के संतुलित समावेशन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
