‘आयुष्मान भारत’ योजना बनी सफेद हाथी! विधानसभा में घिरी महायुति सरकार
Ayushman Bharat Scheme Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर सरकार घिरी, एमएमआर के बड़े अस्पतालों को जोड़ने के लिए मंत्री ने बैठक का आश्वासन दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ayushman Bharat scheme Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Assembly Health Debate: महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिला। मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में योजना की कथित विफलता पर सरकार को विपक्ष के साथ-साथ अपने ही कई विधायकों के तीखे सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ा। भाजपा विधायक मनीषा चौधरी, अतुल भातखलकर और संजय केलकर ने खास तौर पर राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर को घेर लिया। विधायकों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के बड़े निजी और ट्रस्ट अस्पताल योजना में शामिल नहीं हैं, जिससे गरीब मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
विधायक मनीषा चौधरी ने सदन में सरकार से तीन अहम सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित में काम करने वाले ट्रस्ट अस्पतालों के लिए आयुष्मान कार्ड अनिवार्य किया जाए। उन्होंने 50 या उससे अधिक बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को योजना से जोड़ने की मांग की। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए जरूरी ‘नी रिप्लेसमेंट’ (घुटना प्रत्यारोपण) सर्जरी को मुफ्त योजना में शामिल करने की सिफारिश की। चौधरी ने अपने क्षेत्र के ‘करुणा’ जैसे बड़े ट्रस्ट अस्पताल में भी योजना का लाभ न मिलने का उदाहरण देते हुए सरकार को घेरा।
‘एमएमआर में योजना का शून्य असर’
भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि मुंबई और एमएमआर क्षेत्र के मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल आयुष्मान भारत के मरीजों को इलाज देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पंजीकृत अस्पतालों की संख्या न के बराबर है। उन्होंने मांग की कि महानगर क्षेत्र के लिए अलग दर तय की जाए ताकि बड़े अस्पताल इस योजना से जुड़ें। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक वरुण सरदेसाई ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए नामी अस्पतालों को शामिल करने की समयसीमा मांगी।
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‘कार्ड बांटना ही बंद कर दिया’
ठाणे से भाजपा विधायक संजय केलकर ने सदन में गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बांटे गए, लेकिन मरीजों को अच्छे अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा, “अब हमने कार्ड बांटना ही बंद कर दिया है।” केलकर ने दरपत्रक में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
वरुण सरदेसाई ने मांगी ‘टाइमलाइन’
वरुण सरदेसाई ने भाजपा विधायकों के सुर में सुर मिलाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर यह चौथा अधिवेशन है, लेकिन हर बार सरकार की ओर से एक जैसा जवाब मिलता है। मुंबई और एमएमआर क्षेत्र के प्रतिष्ठित अस्पतालों को योजना में कब तक शामिल किया जाएगा, इसकी एक निश्चित टाइमलाइन मंत्री को सदन में बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक बड़े और नामी अस्पतालों को योजना के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक आम जनता को निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा सेवाओं से राहत नहीं मिलेगी।
सरकार ने दिया बैठक का आश्वासन
सत्ताधारी दल के अपने ही विधायकों द्वारा घेरे जाने के बाद मंत्री मेघना बोर्डीकर ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि एमएमआर क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों को योजना में शामिल करने के लिए इसी महीने बैठक बुलाई जाएगी। चिंचवड के भाजपा विधायक शंकर जगताप के सवाल पर हुई इस बहस में कांग्रेस के हेमंत ओगले ने भी हिस्सा लिया।
