

Skill Development Hub: कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासोन्मुख दूरदर्शी सोच से आकार लेने वाली ‘पीएम-सेतु’ योजना के माध्यम से महाराष्ट्र की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं (आईटीआई) देश की सर्वश्रेष्ठ ‘स्किल डेवलपमेंट हब’ बनेंगी।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में उद्योगों की संख्या कम है, वहां सेवा क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रम, बहु-कौशल प्रशिक्षण और आजीविका आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मंत्री लोढ़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में पहले चरण में महाराष्ट्र के चुनिंदा जिलों में इस योजना को लागू करने की मंजूरी दी गई है। पीएम-सेतु योजना के तहत राज्य की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जाएगा तथा अगले चरण में शेष जिलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुशल मानव संसाधन की मांग और आपूर्ति के संतुलन के उद्देश्य से पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस योजना के पहले चरण में नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे की आईटीआई को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
मंत्री लोढ़ा के अनुसार, आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल विकसित किया जाएगा। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लगभग 242 करोड़ रुपए खर्च करेंगी, जिससे राज्य की आईटीआई का स्वरूप बदलेगा। इस आधुनिकीकरण से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अगले वर्ष से इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की भी मंजूरी दी गई है।
योजना के लिए कुल निधि में 50 प्रतिशत केंद्र सरकार, 33 प्रतिशत राज्य सरकार और 17 प्रतिशत उद्योग क्षेत्र का योगदान रहेगा। राज्य में एक क्लस्टर (एक हब आईटीआई और चार स्पोक आईटीआई) के लिए पांच वर्षों में अनुमानित 241 करोड़ रुपए का खर्च अपेक्षित है। इसमें केंद्र सरकार का 112 करोड़ रुपए, राज्य सरकार का 98 करोड़ रुपए और उद्योग क्षेत्र का 31 करोड़ रुपए का योगदान होगा। राज्य सरकार द्वारा पांच वर्षों में किए जाने वाले 98 करोड़ रुपए के खर्च को भी मंजूरी दी गई है।
हब आईटीआई में औसतन चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और दस मौजूदा पाठ्यक्रमों का स्तर उन्नत किया जाएगा। वहीं, स्पोक आईटीआई में दो नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तथा आठ पाठ्यक्रमों का स्तर उन्नत किया जाएगा। जहां उद्योगों की संख्या कम है, वहां सेवा क्षेत्र, बहु-कौशल और आजीविका आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों और आर्यभट्ट जैसे विद्वानों के कारण भारत ज्ञानार्जन का वैश्विक केंद्र रहा है। आज उसी ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को आईटीआई के माध्यम से जोड़कर नए भारत के निर्माण का प्रयास कर रहे हैं।