KDMC Mayor Election: कल्याण-डोंबिवली में शिंदे सेना का होगा महापौर, BJP को उपमहापौर पद; MNS ने दिया समर्थन!

Thane News: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में सत्ता का समीकरण साफ हो गया है। शिंदे सेना की हर्षाली चौधरी ने महापौर और भाजपा के राहुल दमाले ने उपमहापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
KDMC Mayor Candidate Harshali Chaudhary
कल्याण-डोंबिवली मनपा मेयर पद के लिए पर्चा दाखिल करतीं शिवसेना प्रत्याशी हर्षाली चौधरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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KDMC Mayor Candidate Harshali Chaudhary News: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के आगामी चुनाव परिणामों के बाद अब सत्ता की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। लंबे समय तक चली राजनीतिक खींचतान और चर्चाओं के बाद शिंदे सेना, भाजपा और मनसे ने एक साथ आकर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।

शुक्रवार को महापौर पद के लिए शिंदे सेना की हर्षाली थवील चौधरी ने अपना उम्मीदवारी आवेदन दाखिल किया। वहीं, उपमहापौर पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के राहुल दमाले ने अपना नामांकन भरा है। इस अवसर पर महायुति की एकजुटता दिखाई दी, जहाँ सांसद श्रीकांत शिंदे, मनसे नेता राजू पाटिल, विधायक राजेश मोरे और भाजपा के दीपेश म्हात्रे सहित कई बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

मनसे का 'मास्टरस्ट्रोक'

केडीएमसी चुनाव के नतीजों में शिंदे सेना को 53 सीटें और भाजपा को 50 सीटें प्राप्त हुई थीं। बहुमत के लिए दोनों दलों के पास पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन शुरुआत में दोनों पार्टियों के बीच महापौर पद को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा था। इसी बीच राज ठाकरे की मनसे (MNS) ने अप्रत्याशित रूप से शिंदे सेना को समर्थन देने का ऐलान कर दिया, जिसने पूरे राजनीतिक समीकरण को महायुति के पक्ष में झुका दिया।

श्रीकांत शिंदे ने जताया आभार

नामांकन के बाद सांसद श्रीकांत शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे और राजू पाटिल का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने महायुति को मजबूती प्रदान की। शिंदे ने विश्वास जताया कि आने वाली 3 तारीख को महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव निर्विरोध संपन्न होगा।

महापौर पद को लेकर पिछले कुछ दिनों से शिंदे सेना और भाजपा के बीच काफी रस्साकशी चल रही थी। खबरों के अनुसार, दोनों दल विपक्षी पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे थे। यहाँ तक कि उद्धव सेना के दो पार्षद शिंदे सेना के संपर्क में होने और भाजपा द्वारा भी अन्य पार्षदों से संपर्क के दावे किए जा रहे थे। हालांकि, अब इन सभी अटकलों पर विराम लग गया है और महायुति ने मिलकर सत्ता स्थापित करने का फैसला किया है।