

Maharashtra Government Employees Strike: राज्य के सरकारी कर्मचारी संगठनों ने 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है।
अपनी लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी अड़े हुए हैं, वहीं राज्य सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और हड़ताल अवधि का वेतन भी नहीं दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, सभी विभाग प्रमुख और कार्यालय प्रमुख हड़ताल के दौरान मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
'मेस्मा' के अंतर्गत आने वाली सेवाओं के कर्मचारी यदि हड़ताल में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, हड़ताल जारी रहने तक किसी भी कर्मचारी को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, राज्य के करीब 17 लाख सरकारी, अर्ध सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी हड़ताल पर जाने के अपने निर्णय पर कायम हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस हड़ताल से मंत्रालय से लेकर तहसील स्तर तक सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।