Women Reservation Bill पर देवेंद्र फडणवीस का विपक्ष पर तीखा पलटवार, बोले- महिलाओं के साथ विश्वासघात

Women Reservation Bill को लेकर सियासत तेज हो गई है। Devendra Fadnavis ने विपक्ष पर हमला बोला, वहीं Mallikarjun Kharge ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए पूरा मामला।
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Devendra Fadnavis Vs Mallikarjun Kharge (सौ. डिजाइन फोटो )
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Devendra Fadnavis Vs Mallikarjun Kharge on Women Reservation Bill: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में खारिज हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है।

उन्होंने इंडिया गठबंधन और महाविकास आघाड़ी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने न केवल महिलाओं बल्कि महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों का अपमान किया है। विरोधियों ने महिला बिल की भ्रूण हत्या कर दी। इसके बाद आनंदोत्सव भी मनाया गया।

यह समाज सुधारकों के विचारों पर तांडव था। विपक्ष ने Women Reservation Bill का विरोध कर देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। ये बिल 2023 के संविधान संशोधन बिल के अनुसार पेश किया गया था।

Women Reservation Bill को विपक्ष से समर्थन की उम्मीद में थी सरकार

उम्मीद थी कि विधेयक का सभी लोग समर्थन करेंगे लेकिन कांग्रेस, डीएमके, राकां (एसपी), समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) ने अलग मानसिकता दिखाई। विधेयक पारित नहीं हो सका। महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जन्म शताब्दी चल रही है। विपक्ष ने फुले के विचारों का अपमान किया है।

लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी खत्म हो गई है और विपक्षी पार्टियां ही हत्यारी हैं। उन्होंने कहा कि देश में 1976 में डिलिमिटेशन हुआ था। संविधान में संशोधन करके यह तय किया गया था कि 1971 की आबादी को फ्रीज नहीं किया जाएगा और साल 2000 तक डिलिमिटेशन नहीं किया जाएगा।

जब 2002 में कमीशन बना, तो दक्षिण के साथ अन्याय न हो, इसलिए 2002 में 20 साल का एक्सटेंशन दिया गया। जब 2023 में महिला आरक्षण के लिए संशोधन किया गया, तो जनगणना और डिलिमिटेशन लागू करके संशोधन किया गया। ये बिल 2023 के संविधान संशोधन के हिसाब से लाए गए थे। जब तक सारे आंकड़े आएंगे, तब तक 2028 आ जाएगा। साल 2023 में तय हुआ कि उसी हिसाब से डिलिमिटेशन किया जाए और हर हाल में 2029 में महिला आरक्षण लागू होगा और महिलाएं चुनी जाएंगी।

मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को खत्म किया : खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही 2029 से विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को खत्म कर दिया, जबकि विपक्ष ने केवल परिसीमन विधेयक का विरोध किया था। लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा विधेयक खारिज होने पर प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भ्रूण हत्या का आरोप लगाए जाने पर खड़गे ने कहा कि हमने परिसीमन विधेयक के खिलाफ लड़ाई लड़ी, न कि महिला आरक्षण के खिलाफ, कूचबिहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम हमेशा महिलाओं के अधिकार और कल्याण सुनिश्चित करने के पक्ष में रहे है। उन्होंने सरोजिनी नायडू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी जैसी महिला नेताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा ने कभी किसी महिला को अपना अध्यक्ष बनाया है?

प्रियंका गांधी का दोष नहीं, वह नई हैं

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर झूठ बोलने का ओलंपिक हो तो गोल्ड मेडल राहुल को ही मिलेगा। जब संविधान बना था, तब बहस हुई थी। तब बाबासाहेब आंबेडकर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर परेशान थे।

अब महिलाओं के अधिकारों का हनन हुआ है। प्रियंका गांधी के बारे में सीएम फडणवीस ने कहा कि मैं उन्हें दोष नहीं दूंगा, वह नई हैं। जब 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ था, तब डिलिमिटेशन और महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका।

प्रियंका को शायद यह समझाया नहीं गया होगा। मोदी सरकार ने जाति जनगणना को मान लिया है। अगर ओबीसी से इतना ही प्यार था, तो 1970 के बाद ओबीसी जनगणना कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2029 में लागू होगा और महिलाओं को आगे लाएगा।

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