

Maharashtra AI Mission Tech: प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्लाउड तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दे रही है। राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में 'टेक थर्सडे' उपक्रम के उद्घाटन अवसर पर कहा कि सितंबर के अंत तक महाराष्ट्र को एआई के उपयोग में देश में शीर्ष स्थान पर ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस विशेष पहल की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग द्वारा की गई है. इस कार्यक्रम में विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह और आयुक्त एस. भुवनेश्वरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने बताया कि देश की लगभग 50 से 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता और एआई बुनियादी ढांचा महाराष्ट्र में मौजूद है और सरकार इस नेतृत्व को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
प्रशासनिक डेटा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'महा एआई' और 'सर्वम' जैसे एआई मॉडल राज्य के अपने सर्वर और जीपीयू बुनियादी ढांचे पर काम कर रहे हैं। इससे संवेदनशील सरकारी जानकारी बाहरी या विदेशी सर्वर पर नहीं जाएगी। कृषि क्षेत्र में 'एग्री स्टैक' के माध्यम से एक करोड़ से अधिक किसानों को एआई-आधारित वॉइस बॉट द्वारा भीली जैसी स्थानीय बोलियों में मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग के कारण उच्च क्षमता वाले ऊर्जा-कुशल डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ी है. विशेष रूप से बैंकों, शेयर बाजारों और सरकारी प्रणालियों में विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक 'टियर फोर' डेटा सेंटर को प्राथमिकता दी जा रही है, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन रहे हैं.