मंत्रालय में रिश्वतकांड: कैबिनेट मंत्री के दफ्तर में पकड़ा गया अधिकारी? महाराष्ट्र की राजनीति में मचा हड़कंप!
Mantralaya Bribe Case: महाराष्ट्र मंत्रालय में FDA लिपिक को 35,000 रुपए की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा। कांग्रेस ने इसे 'महायुति' सरकार का भ्रष्टाचार बताते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra FDA Clerk Arrest In Bribery Case: महाराष्ट्र के सत्ता केंद्र ‘मंत्रालय’ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग के एक लिपिक, राजेंद्र ढेरांगे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंत्रालय की दूसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में हुई, जिसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपना मेडिकल लाइसेंस बहाल करवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि लिपिक राजेंद्र ढेरांगे ने इस काम के बदले 50,000 रुपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दी। जाल बिछाते हुए, गुरुवार शाम को जैसे ही ढेरांगे ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 35,000 रुपए स्वीकार किए, एसीबी के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
विपक्ष के तीखे हमले और विवाद
इस घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने दावा किया है कि आरोपी को एक कैबिनेट मंत्री के कार्यालय में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंत्रालय अब भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। बिना कमीशन के यहां कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती। यह महायुति सरकार के असली चेहरे को उजागर करता है।
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राज्याचे अन्न व औषध प्रशासन मंत्री, नरहरी झिरवळ यांच्या कार्यालयातील कर्मचाऱ्याला मंत्रालयात लाच घेताना रंगेहाथ पकडण्यात आले. त्यामुळे लाचलुचपत विभागाने मंत्री कार्यालय सिल केले आहे. या घटनेने राज्य सरकारच्या अब्रूची लक्तरे वेशीवर टांगली गेली आहेत. चौकशीदरम्यान वरिष्ठांच्या… — Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) February 13, 2026
सपकाल ने मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि जिस मंत्री के कार्यालय से यह गिरफ्तारी हुई है, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाए और मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
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FDA और ACB की सफाई
हालांकि, एसीबी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी को मंत्रालय की दूसरी मंजिल पर स्थित एफडीए के विभागीय कार्यालय में पकड़ा गया है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी के तार विभाग के अन्य बड़े अधिकारियों या राजनेताओं से भी जुड़े हैं।
