'सत्ता की भूख लोकतंत्र को निगल रही', हर्षवर्द्धन सपकाल का महायुति पर तीखा प्रहार

Maharashtra News: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने महायुति पर निकाय चुनावों में धन-बल और दबाव के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने 68 निर्विरोध जीत पर सवाल उठाए हैं।
maharashtra congress harshvardhan sapkal mahayuti democracy attack
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Harshwardhan Sapkal Statement : मुंबई में एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता हर्षवर्द्धन सपकाल ने सत्तारूढ़ गठबंधन (BJP, शिवसेना-शिंदे, NCP-अजित) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले ही 68 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है और यह लोकतंत्र की हत्या है।

हर्षवर्द्धन सपकाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की सत्ता के प्रति लालसा अब लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव से हटने के लिए मजबूर कर रहा है। सपकाल ने कहा, "निकाय चुनावों में जिस तरह से दबाव, धमकियों और धन-बल का खुलेआम खेल चल रहा है, उसने स्वतंत्र चुनाव की गरिमा को समाप्त कर दिया है। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है।"

निर्विरोध निर्वाचन और 'नोटा' (NOTA) की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने चुनाव प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव की मांग उठाई। उन्होंने तर्क दिया कि जिन वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाते हैं, वहां भी मतदाताओं को 'नोटा' का विकल्प दिया जाना चाहिए। सपकाल के अनुसार, "नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करने का मौका मिलना चाहिए, चाहे सामने एक ही उम्मीदवार क्यों न हो। निर्विरोध चुनाव अक्सर जनता की पसंद नहीं, बल्कि सत्ता का दबाव होते हैं।" उन्होंने पंडित नेहरू के दौर का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले विपक्षी दलों का सम्मान होता था, लेकिन आज की सरकार विपक्ष को मिटाना चाहती है।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप

सपकाल ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की भूमिका पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि नार्वेकर अपने संवैधानिक पद की गरिमा को भूलकर राजनीतिक पूर्वाग्रह से काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, "नार्वेकर ने पहले दलबदल विरोधी कानून की धज्जियां उड़ाईं और अब अपने पद का दुरुपयोग कर निकाय चुनाव में अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचा रहे हैं।" उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि पद के दुरुपयोग के चलते नार्वेकर को उनके पद से हटाया जाए।

रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का विवाद

विपक्ष का मुख्य आरोप कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड संख्या 225, 226 और 227 से जुड़ा है। इन वार्डों से राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवालकर और रिश्तेदार हर्षिता शिवालकर चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस का दावा है कि विपक्षी उम्मीदवारों को डरा-धमकाकर इन क्षेत्रों में बाधाएं पैदा की जा रही हैं।

चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

सपकाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उम्मीदवारों को मिल रही धमकियों के खिलाफ निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था, लेकिन आयोग ने कार्रवाई करने के बजाय सबूतों की मांग की। उन्होंने इसे जांच की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसा बताया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com