महाराष्ट्र कैबिनेट में कलह! किसानों की राहत राशि पर मचा हंगामा, CM फडणवीस ने अफसरों को दी चेतावनी

Maharashtra Farmers Relief Package: महाराष्ट्र में किसान पैकेज को लेकर कैबिनेट में गरमागरमी का माहौल है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दो सप्ताह में राहत राशि किसानों के खाते में भेजने के निर्देश दिए है।
Maharashtra Farmers Relief Package: महाराष्ट्र में किसान पैकेज को लेकर कैबिनेट में गरमागरमी का माहौल है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दो सप्ताह में राहत राशि किसानों के खाते में भेजने के निर्देश दिए है।
सीएम फडणवीस की बैठक (सौजन्य-एक्स)
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CM Devendra Fadnavis Cabinet Clash: महाराष्ट्र में बारिश से प्रभावित किसानों के पैकेज को लेकर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान एक बार फिर कलह की स्थिति खड़ी हो गई। कई मंत्रियों ने किसानों के खाते में अभी तक रकम नहीं पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ तौर से कहा कि इसके लिए अधिकारियों का ढुलमुल रवैया जिम्मेदार है।

इस वजह से कैबिनेट की बैठक में गरमागरमी का माहौल खड़ा हो गया। इसके बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को अगले दो सप्ताह के अंदर सभी प्रभावित किसानों के खाते में मदद की रकम जमा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 7 अक्टूबर को राज्य में बाढ़ और भारी

31,628 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा

बारिश से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए 31,628 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की लेकिन यह पैसे प्रभावित किसानों के खाते में अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से मंत्रियों में काफी नाराजगी है। इससे पहले पिछले मंगलवार को भी कैबिनेट बैठक के दौरान राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने किसानों को पैसे नहीं मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी।

हालांकि सीएम फडणवीस ने कहा है कि हम किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमारी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंचनामा समेत सभी औपचारिकताओं को पूरा कर अगले दो सप्ताह के अंदर किसी भी कीमत पर राहत की राशि किसानों के खाते में जमा करा देनी चाहिए।

चुनाव घोषणा से पहले 21 बड़े फैसले

कैबिनेट ने स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर 21 निर्णय लिए, जो एक बैठक के लिए असामान्य संख्या है। सीएम देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में महा एआरसी लिमिटेड को बंद करने के वित विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

कंपनी की स्थापना सितंबर 2022 में की गई थी, जिसे केंद्र की राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी की तर्ज पर चनाया गया था, लेकिन यह परिचालन शुरू नहीं कर सकी, क्योंकि रिजर्व बैंक ने 2023 में इसे लाइसेंस देने से इनकार कर दिया था।

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