किसानों को मिलती रहेगी सस्ती बिजली, फडणवीस कैबिनेट ने लिए 4 महत्वपूर्ण निर्णय

Maharashtra Farmers Power Subsidy: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई पंपों पर बिजली दर सब्सिडी योजना मार्च 2027 तक बढ़ाई, जिससे 1,789 योजनाओं को सीधे लाभ मिलेगा।
सीएम फडणवीस कैबिनेट बैठक (pic credit; social media)
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Mumbai News: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देनेवाला निर्णय मंगलवार को लिया। मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों के लिए अति-उच्च दाब, उच्च दाब और निम्न दाब पंपिंग (उपसा) सिंचाई योजनाओं के लिए बिजली दर सब्सिडी योजना को मार्च 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई। अर्थात अगले दो वर्षों तक किसानों को पंपिंग के जरिए सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलती रहेगी। दावा किया गया है कि इससे राज्य की लगभग 1,789 पंपिंग सिंचाई योजनाओं की लागत में भारी बचत होगी और इन सिंचाई योजनाओं से जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

कैबिनेट बैठक में बिजली दर सब्सिडी योजना को जारी रखने के निर्णय से राज्य के किसानों के लिए अपनी फसलों के लिए पानी उपलब्ध कराना आसान हो गया है। इससे उन्हें कृषि आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस योजना में, अति-उच्च दाब और उच्च दाब पंपिंग सिंचाई योजना के ग्राहकों के लिए रियायती बिजली दर 1.16 रुपए प्रति यूनिट और स्थिर दर 25 रुपए प्रति माह (प्रति केवीए) निर्धारित की गई है। इसी तरह कम दबाव पंप वाले पानी की सिंचाई योजना के ग्राहकों के लिए रियायती बिजली दर 1 रुपए प्रति यूनिट एवं स्थिर दर 15 रुपए प्रति माह (प्रति हॉर्स पावर) निर्धारित की गई है। इस रियायत के कारण, राज्य सरकार ने राजस्व घाटे की भरपाई के लिए महावितरण को चालू वर्ष 2025-26 के लिए 886 करोड़ 15 लाख रुपए और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 872 करोड़ 23 लाख रुपए प्रदान करने की मंजूरी दी है।

किसानों को डबल लाभ

बैठक में कुल चार अहम निर्णय लिए गए। राज्य सरकार ने ऊर्जा विभाग, शहरी विकास विभाग, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग और राजस्व विभाग से जुड़े अहम फैसले लिए हैं। इनमें नगर विकास विभाग के तहत शहरी अवसंरचना विकास ऋण योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में हुडको से 2,000 करोड़ रुपए के ऋण लेने की अनुमति दी गई है। इसमें छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम की जलापूर्ति परियोजना के लिए 822 करोड़ रुपए, नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की चार सीवेज परियोजनाओं के लिए 268 करोड़ रुपए और मीरा-भयंदर नगर निगम की जलापूर्ति परियोजना के लिए 116 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे।

लघु सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत को मंजूरी

इसी तरह मृदा एवं जल संरक्षण विभाग ने अकोला जिले के मुर्तिजापुर तालुका अंतर्गत घोंगा गांव में 4 करोड़ 76 लाख 55 हजार 300 रुपए और कानडी गांव में 4 करोड़ 92 लाख 32 हजार 986 रुपए का प्रावधान करने की मंजूरी लघु सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत लागत के लिए दी है। इससे मुर्तिजापुर तालुका में लगभग 286 हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई सुविधा बढ़ेगी और किसानों को डबल लाभ होगा।

रायगढ़ में खुफिया ब्यूरो की आवासीय परियोजना के लिए भूमि

बैठक में राजस्व विभाग ने रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका अंतर्गत आसुडगांव के ग्रामीणों द्वारा चारागाह के रूप में इस्तेमाल की जानेवाली चार हेक्टेयर सरकारी भूमि भारत सरकार के सहायक खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परियोजनाओं (आवासीय क्वार्टर) के निर्माण के लिए देने की मंजूरी दी।

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