

Fadnavis Cabinet Meeting Decisions: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज 14 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। आगामी समय को देखते हुए इस बैठक में राज्य सरकार द्वारा चौतरफा विकास, कृषि सुधार, खेल बुनियादी ढांचे और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण को लेकर कुल आठ ऐतिहासिक और विस्फोटक निर्णय लिए गए हैं।
इन फैसलों में सबसे बड़ी राहत राज्य के उन कर्जदार किसानों को दी गई है जो पिछले काफी समय से फसल ऋण के बोझ तले दबे हुए थे। इसके साथ ही पालघर जिले के आदिवासी और तटीय क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भी एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।
मंत्रिमंडल ने फसल ऋण के जाल में फंसे राज्य के लाखों किसानों को राहत देते हुए 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना - 2026' के कड़े मानदंडों में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए संशोधन के तहत, साल 2029 की कर्जमाफी योजना के अंतर्गत लगभग 13 लाख नियमित कर्जदार किसानों के लिए निर्धारित 50,000 रुपये की वित्तीय सीमा को अब पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, साल 2026-27 में नियमित रूप से ऋण का पुनर्भुगतान करने की अनिवार्य शर्त को भी हटा दिया गया है, जिससे सीधे तौर पर राज्य के करीब 23 लाख से अधिक किसानों को सीधा प्रोत्साहन लाभ मिल सकेगा।
सहकारिता और विपणन क्षेत्र को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए सरकार ने पालघर जिले के दहानू तालुका स्थित दपचारी में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का विशाल कृषि बाजार स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दुग्ध विकास परियोजना की कुल 558.43 हेक्टेयर खाली पड़ी भूमि को सीधे महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन निगम को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है।
इस बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय बाजार के शुरू होने से न केवल पालघर, बल्कि पड़ोसी जिले ठाणे, मुंबई और आसपास के हजारों किसानों को अपनी फसलों और डेयरी उत्पादों के विपणन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतरीन दाम मिल सकेंगे।
गृह और परिवहन विभाग के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण फैसले में महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) के स्वामित्व वाली जमीनों और बस अड्डों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया गया है। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वाले जिला, तालुका और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बस स्टैंडों और डिपो परिसरों को अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही, युवाओं और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बीड जिला खेल परिसर के बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 24 करोड़ 95 लाख रुपये के भारी बजट को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वहां आधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल और हॉकी के मैदानों का निर्माण व इंडोर हॉल का पूरी तरह नवीनीकरण किया जाएगा।