मुंबई में वायु प्रदूषण निगरानी के लिए BMC का बड़ा फैसला, निजी कंपनी पर 1.30 करोड़ खर्च करेगी महानगरपालिका

Mumbai Air Pollution: सांताक्रूज की वायु सर्वेक्षण प्रयोगशाला में स्टाफ की कमी के चलते बीएमसी ₹1.30 करोड़ में निजी कंपनी की नियुक्ति करेगी। बुधवार को स्थायी समिति में प्रस्ताव पेश होगा।
BMC to outsource air pollution monitoring and analysis at Santacruz lab to a private firm for ₹1.30 crore due to staff shortage. Proposal sent for approval.
मुंबई महानगरपालिका (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mumbai Air Pollution Monitoring: मुंबई में वायु प्रदूषण की निगरानी को प्रभावी बनाए रखने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सांताक्रूज स्थित वायु सर्वेक्षण एवं अनुसंधान प्रयोगशाला के तकनीकी कार्य निजी संस्था को सौंपने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए बीएमसी इस कार्य के लिए करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च करेगी। संबंधित प्रस्ताव बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

रिक्त पदों के कारण लिया गया निर्णय

बीएमसी के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत संचालित वायु सर्वेक्षण एवं अनुसंधान प्रयोगशाला में वैज्ञानिक संवर्ग के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके कारण वायु प्रदूषण के नमूने एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने और अन्य तकनीकी कार्यों को नियमित रूप से संचालित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए एक वर्ष के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्था की सेवाएं लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

कंपनी संभालेगी तकनीकी और निगरानी संबंधी कार्य

चयनित संस्था को शहर के विभिन्न वायु सर्वेक्षण केंद्रों का नियमित दौरा करना होगा। इसके अलावा वातावरणीय वायु के नमूने एकत्र करना, प्रयोगशाला में रसायन तैयार करना, अत्याधुनिक उपकरणों से नमूनों का विश्लेषण करना और तकनीकी रिपोर्ट तैयार करना भी उसकी जिम्मेदारी होगी।

स्वचालित निगरानी केंद्रों का भी करेगी संचालन

निजी कंपनी स्वचालित वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों और मोबाइल वायु सर्वेक्षण वाहनों के संचालन एवं निरीक्षण का कार्य भी करेगी। साथ ही नियमित रिपोर्ट तैयार कर बीएमसी को उपलब्ध कराएगी और पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट तैयार करने में भी सहयोग करेगी।

वायु गुणवत्ता पर रहेगी लगातार नजर

मुंबई बीएमसी का मानना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की कमी के बावजूद शहर में वायु गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित नहीं होगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निजी संस्था एक वर्ष तक वायु प्रदूषण से जुड़े तकनीकी और निगरानी कार्यों का संचालन करेगी, जिससे मुंबई में पर्यावरणीय आंकड़ों का नियमित और वैज्ञानिक विश्लेषण जारी रखा जा सकेगा।

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