भारत का पहला अस्पताल बना कोकिलाबेन, मिला इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेट

Kokilaben Hospital को जेसीआई और जिनेवा सस्टेनेबिलिटी सेंटर ने ‘हेल्थकेयर सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम’ के लिए प्रतिष्ठित ‘सर्टिफिकेट ऑफ डिस्टिंक्शन’ दिया। यह सम्मान पाने वाला भारत का पहला अस्पताल बना।
Kokilaben Hospital
कोकिलाबेन अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट के मुंबई स्थित अस्पताल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित जॉइंट कमीशन इंटरनेशनल (जेसीआई) ने इंटरनेशनल हॉस्पिटल फेडरेशन के जिनेवा सस्टेनेबिलिटी सेंटर के साथ साझेदारी में 'हेल्थकेयर सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम' के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ डिस्टिंक्शन' से सम्मानित किया है।

अब कोकिलाबेन हॉस्पिटल इस कठोर वैधिक मानक को पूरा करने वाला भारत का पहला और विश्व का पांचवां अस्पताल बन गया है। यह उपलब्धि अस्पताल की स्थिरता पहलों और पर्यावरण-अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिवद्धता को दर्शाती है।

जेसीआई-जीएससी कार्यक्रम विशेष रूप से उन अस्पतालों को मान्यता देता है जो बोर्ड स्तर पर पर्यावरणीय जोखिम प्रशासन को शामिल करते हैं। हॉस्पिटल के सीईओ और कार्यकारी निदेशक डॉ संतोष शेट्टी ने कहा कि यह सर्टिफिकेशन हमारे मूल विश्वास को दर्शाता है कि सस्टेनेबिलिटी बेहतर क्लिनिकल परिणामों और मजबूत संचालन प्रदर्शन दोनों को संभव बनाती है।

2030 सस्टेनेबिलिटी रोडमैप पर काम कर रहा अस्पताल

हमारा 2030 सस्टेनेबिलिटी रोडमैप ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन, कम उत्सर्जन के लिए काम आने वाली सामग्रियों और जलवायु-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है। ये निवेश लंबी अवधि के लागत दबायों को कम करने, मरीजों की सुरक्षा में सुधार करने और बढ़ते जलवायु अस्थिरता का सामना कर रहे शहर में व्यावसायिक निरंतरता को मजबूत करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

जेसीआई-जीएससी कार्यक्रम विशेष रूप से उन अस्पतालों को मान्यता देता है जी बोर्ड स्तर पर पर्यावरणीय जोखिम प्रशासन को शामिल करते हैं और उत्सर्जन, कचरे, पानी की बचत और आपूर्ति-भूसाला की स्थिरता को उद्यम जीखिम प्रबंधन में एकीकृत करते हैं। यह मजबूत आंतरिक नियंत्रणों और दूरदर्शी प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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