जापान और दुबई के बाद अब मुंबई में ‘म्यूजिकल रोड’, टायरों के घर्षण से ‘जय हो’ धुन सुनकर झूम उठेंगे चालक
Mumbai Melody Road Inauguration: मुंबई के कोस्टल रोड पर भारत की पहली 'म्यूजिकल रोड' का उद्घाटन। 80 किमी/घंटा की गति पर टायरों के घर्षण से 'जय हो' की धुन सुनाई देगी। लागत 6.21 करोड़।
- Written By: अनिल सिंह
Mumbai Melody Road Inauguration (फोटो क्रेडिट-X)
India’s First Musical Road Mumbai: मुंबई के कोस्टल रोड पर यात्रा करना अब केवल समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि एक मधुर अनुभव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार, 11 फरवरी 2026 को भारत की पहली ‘म्यूजिकल रोड’ का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इस नवाचार के साथ ही भारत, जापान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जहाँ सड़कों पर संगीत की धुनें बजती हैं।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की यह पहल देश में अपनी तरह का पहला इंजीनियरिंग प्रयोग है, जो तकनीक और देशभक्ति का अनूठा संगम पेश करता है।
क्या है मेलोडी रोड की तकनीक?
म्यूजिकल रोड, जिसे वैश्विक स्तर पर ‘मेलोडी रोड‘ के नाम से जाना जाता है, सड़क की सतह पर एक विशेष अंतराल पर बनाए गए खांचों (Grooves) पर आधारित है। जब कोई वाहन इन पट्टियों के ऊपर से गुजरता है, तो टायरों के घर्षण से विशिष्ट ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। इस तकनीक की खोज सबसे पहले 2007 में जापान में हुई थी। मुंबई में इस परियोजना के लिए एक हंगेरियन कंपनी को नियुक्त किया गया था, जिसने नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाले उत्तर दिशा के मार्ग पर लगभग 500 मीटर के पैच में इन संगीतमय पट्टियों को स्थापित किया है।
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‘जय हो’ की धुन और ड्राइविंग अनुभव
इस सड़क के लिए ऑस्कर विजेता फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के प्रसिद्ध गीत ‘जय हो‘ की धुन को चुना गया है।
ध्वनि की स्पष्टता: यह संगीत इतना सटीक डिजाइन किया गया है कि वाहन की खिड़कियां बंद होने पर भी चालक और यात्रियों को धुन स्पष्ट सुनाई देगी।
गति की सीमा: संगीत का आनंद लेने के लिए वाहनों को 70 से 80 किमी प्रति घंटे की विशिष्ट गति बनाए रखनी होगी।
साइनबोर्ड: बीएमसी ने सुरंग के भीतर ही 500, 100 और 60 मीटर पहले विशेष साइनबोर्ड लगाए हैं ताकि वाहन चालक पहले से ही इस ‘मेलोडी लेन’ के लिए तैयार हो सकें।
लागत और राष्ट्रीय समर्पण
बीएमसी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 6.21 करोड़ (GST सहित) खर्च किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, ‘जय हो’ धुन को इसलिए चुना गया क्योंकि यह राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है और नागरिकों में गर्व व देशभक्ति की भावना जागृत करती है। यह प्रयोग न केवल मुंबई को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पर्यटन और इंजीनियरिंग के लिहाज से आगे ले जाएगा, बल्कि वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा के भीतर रहने के लिए प्रोत्साहित कर सड़क सुरक्षा में भी सुधार करेगा। वर्तमान में भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जहाँ इस स्तर की ‘मेलोडी रोड’ उपलब्ध है।
