मीरा-भाईंदर में आस्था का अपमान: विसर्जित गणेश प्रतिमाएं कचरा ट्रक में ढोई गईं, भक्तों में आक्रोश

Maharashtra News: मीरा-भाईंदर में विसर्जन के बाद गणेश प्रतिमाओं को कचरा ट्रक में ढोने से भक्तों में आक्रोश। श्रद्धालुओं ने आस्था के अपमान पर कड़ी आपत्ति जताई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
कचरा ट्रक से ढोई विसर्जित मूर्तियां (pic credit; social media)
कचरा ट्रक से ढोई विसर्जित मूर्तियां (pic credit; social media)
Published on
Updated on

Maharashtra News: गणेशोत्सव में भक्तों की आस्था से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। मीरा-भाईंदर में कृत्रिम तालाबों में विसर्जन के बाद गणेश प्रतिमाओं को कचरा ढोने वाले ट्रक में भरकर ले जाया गया। इस घटना ने गणेश भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

भक्तों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे आस्था का खुला अपमान बताया। उनका कहना है कि मनपा प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और श्रद्धालुओं की भावनाओं का मजाक उड़ाया है। मौके पर मौजूद कई लोगों ने इस दृश्य के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।

इस वर्ष उच्च न्यायालय के निर्देश पर मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने आदेश जारी किया था कि छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा। इसके लिए पूरे शहर में 35 कृत्रिम तालाब बनाए गए। प्रशासन का दावा था कि यह कदम पर्यावरण की सुरक्षा और प्रदूषण कम करने के लिए उठाया गया है। लेकिन काशीमीरा के जरिमरी तालाब के पास विसर्जन के बाद गणेश प्रतिमाओं को कचरा ट्रक में भरकर ले जाते हुए देखा गया।

इस घटना पर गणेश भक्तों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विसर्जित प्रतिमाओं को सम्मानजनक ढंग से एकत्र कर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पुनः विसर्जित किया जाना चाहिए था। इसके विपरीत कचरा ट्रक में ढोने जैसी घटना ने आस्था को ठेस पहुंचाई है।

पुलिस प्रशासन ने भी इस मामले पर गंभीरता दिखाई है। अधिकारियों ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा और इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि महानगरपालिका इस मामले में सार्वजनिक माफी मांगे और भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com