‘SIR 2’ के लिए बीजेपी महाराष्ट्र की खास तैयारी, जारी की गई प्रतिनिधियों की सूची

Maharashtra Election Commission: बीजेपी महाराष्ट्र ने SIR 2 स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन कार्यक्रम के लिए प्रतिनिधियों की सूची जारी की है, जिसे आगामी चुनावी और संगठनात्मक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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BJP representatives list (सोर्सः सोशल मीडिया)
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SIR 2 BJP Maharashtra: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महाराष्ट्र इकाई ने ‘SIR 2 स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ कार्यक्रम के लिए अपने प्रतिनिधियों की सूची जारी कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने यह सूची पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजी है।

सूची में पूर्व सांसद किरीट सोमैया, राज्यसभा सांसद भागवत कराड, विधायक एवं प्रदेश महामंत्री रणधीर सावरकर, प्रदेश महामंत्री एड. माधवी नाईक, विधायक मंगेश चव्हाण, पूर्व संगठन मंत्री श्याम कुलकर्णी, पूर्व विधायक सुनील राणे और पूर्व जिला अध्यक्ष वासुदेव काले के नाम शामिल हैं। ये सभी नेता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं और विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

उद्देश्यों के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं

उल्लेखनीय है कि पार्टी की ओर से ‘SIR 2 स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनावों या संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक या प्रशिक्षण सत्र हो सकता है। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा भेजी गई सूची की प्रतिलिपि राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) वी.एल. संतोष, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश और राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को भी भेजी गई है, जिससे इस कार्यक्रम के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

क्या है ‘SIR’?

‘SIR’ यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का एक अभियान है, जिसके तहत मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाना है। चुनाव आयोग ने अक्टूबर 2025 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘SIR’ के दूसरे चरण की शुरुआत की थी।

विपक्ष कर रहा है विरोध

हालांकि ‘SIR’ अभियान को लेकर देश के कई हिस्सों में विवाद भी देखने को मिल रहा है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है। खासकर बिहार और पश्चिम बंगाल में आरोप लगाया गया है कि ‘SIR’ विपक्ष समर्थक मतदाताओं को सूची से बाहर करने की सरकारी साजिश हो सकती है, जिससे विपक्ष का मत प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इस अभियान की आलोचना की है।

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