

Mumbai Eve Teasing Video: मुंबई से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर 'अतिथि देवो भव:' और 'वासुदेव कुटुंबकम' के नारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत में पिछले दो महीनों से यात्रा कर रही एक विदेशी युवती के साथ सड़क पर कुछ युवकों द्वारा बदतमीजी और पीछा (Harassment) करने का मामला प्रकाश में आया है। युवती ने खुद अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कैसे कुछ पुरुषों ने उसकी यात्रा के सुखद अनुभव को चंद मिनटों में डर में बदल दिया।
यह घटना मुंबई की व्यस्त सड़कों की बताई जा रही है, जहाँ भीड़-भाड़ के बावजूद आरोपी युवक बेखौफ होकर विदेशी महिला को परेशान कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है और लोग मुंबई पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित युवती ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह पिछले दो महीनों से भारत में है और अब तक का उसका अनुभव बहुत सुंदर और दयालु रहा था। लेकिन उस दिन स्थिति अलग थी। कुछ युवकों ने उसका और उसके साथी का पीछा करना शुरू कर दिया। वे लगातार फोटो खिंचवाने की जिद कर रहे थे। युवती ने कई बार स्पष्ट रूप से 'No' कहा, लेकिन आरोपी युवक मानने को तैयार नहीं थे। युवती के अनुसार, उन्होंने लगभग 15 मिनट तक उसका पीछा किया, जिससे वह बेहद असहज और असुरक्षित महसूस करने लगी।
युवती ने बताया कि युवक इतने करीब आ रहे थे और इतने 'पुशी' (Pushy) थे कि अंत में उसे खुद को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें शारीरिक रूप से धक्का देकर पीछे हटाना पड़ा। उसने अपने पोस्ट में एक महत्वपूर्ण बात लिखी, "याद रखें कि 'No' अपने आप में एक पूरा वाक्य है।" उसने अन्य यात्रियों को संदेश दिया कि आपकी सुरक्षा और आपका कंफर्ट हमेशा सबसे पहले आता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती बार-बार उन्हें "Go away" (चले जाओ) कह रही है, लेकिन युवक बेशर्मी से उसके पीछे चलते जा रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय यूजर्स ने शर्मिंदगी जताते हुए मुंबई पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे कुछ लोगों की वजह से पूरी दुनिया में भारतीय पुरुषों की छवि खराब होती है। 'वासुदेव कुटुंबकम' का नारा देने वाले देश में एक मेहमान के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लोगों ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर इन 'ईव-टीजर्स' की पहचान की जाए और उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो दूसरों के लिए मिसाल बने।