महिला आरक्षण पर CM फडणवीस का बड़ा दांव! सभी दलों के सांसदों और प्रमुखों को लिखा पत्र, कर दी ये बड़ी अपील

Women Reservation Bill: महाराष्ट्र की राजनीति में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर हलचल तेज हो गई है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे समेत सभी विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है।
Devendra Fadnavis On Women Reservation Bill
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Devendra Fadnavis On Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार के महिला आरक्षण विधेयक को धरातल पर उतारने और संसद में इसे निर्बाध रूप से पारित कराने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ी पहल की है। उन्होंने दलीय सीमाओं को तोड़ते हुए राज्य के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखा है।

CM फडणवीस ने इन दिग्गजों को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस चिट्ठी ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने यह पत्र न केवल अपनी सहयोगी पार्टियों को, बल्कि धुर विरोधी खेमे के नेताओं को भी भेजा है। इसमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, NCP शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुनील तटकरे जैसे कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं।

पत्र में क्या लिखा है?

अपने पत्र में देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर आधी आबादी को उनका हक दिलाने का है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया है कि वे संसद के आगामी सत्रों में इस विधेयक के पक्ष में मजबूती से खड़े हों और बिना किसी अवरोध के इसे पारित करने में अपना बहुमूल्य सहयोग दें।

विशेष सत्र में पेश होगा विधेयक

केंद्र सरकार महिला आरक्षण (Women Reservation Bill) को जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी के तहत 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें इस संबंध में संशोधित विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है।

33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान

संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही पारित किया जा चुका है। हालांकि, अब इसे लागू करने के लिए संशोधन लाया जा रहा है, ताकि इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रभावी बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिले।

नए विधेयक में संभावित बदलाव

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस संशोधित विधेयक (Women Reservation Bill) को संसद में पेश करेंगे। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सितंबर 2023 में पारित हुआ था, जिसे अब और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 850 हो सकती हैं, जिनमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए होंगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं।

मतदाता क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण पर जोर

सरकार इस विधेयक के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन) पर भी जोर दे रही है, ताकि आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं और आने वाले विशेष सत्र में इस पर महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

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