

Nashik Human Trafficking News: नासिक ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन शोध' के तहत एक ऐसी अंतर-जिला मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने पुलिस और समाज को हिलाकर रख दिया है। एक 16 वर्षीय अनाथ आदिवासी नाबालिग लड़की को लुभावने प्रलोभनों के जरिए अगवा कर उसकी तस्करी की गई।
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी 'अवैध डील' का 2 लाख रुपये का सौदा यूपीआई के जरिए ऑनलाइन किया गया। डिजिटल फुटप्रिंट्स बने आरोपियों के लिए काल आमतौर पर बाल विवाह और तस्करी के मामले पुलिस से बचने के लिए गुप्त तरीके से और नकद में किए जाते हैं, लेकिन इस गिरोह ने बेखौफ होकर ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर का इस्तेमाल किया।
लड़की के अचानक गायब होने के बाद जब पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, तो डिजिटल फुटप्रिंट्स और बैंक खातों की पड़ताल ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जांच के मुताबिक, दलालों ने नाबालिग को मोबाइल और सुखद जीवन का लालच देकर उसे अगवा किया।
इसके बाद अहमदनगर जिले के संगमनेर तहसील स्थित कौठे मलकापुर के तुषार पचपिंड (29) के साथ उसका अवैध बाल विवाह करा दिया गया। सौदा तय करने वाले दलालों ने इस घिनौने कृत्य के लिए 2 लाख रुपये वसूले, जिसका बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर किया गया।
नासिक के पुलिस अधीक्षक डॉ.डी. एस.स्वामी के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक विमला एम. और पेठ संभाग के एसडीपीओ वासुदेव देसले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया। इस कार्रवाई में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी तुषार पचपिड, संदीप पचपिड, सुरेश फसाले, कमल फसाले, सीता बेडकोली, ठकुबाई मालेकर, धर्मा फसाले, सोन्याबापू पाटोले, विशाल परचंडे और महादेव नाइकवाडे। इस सफल ऑपरेशन में सहायक निरीक्षक जीवन बोरसे, सुनील आहेर और उनकी टीम ने सूझबूझ से मासूम लड़की को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया है।