

Nagpur Price Hike: नागपुर जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। जल्द ही शालाएं खुल जाएंगी। इसी के साथ स्कूल यूनिफॉर्म के बढ़े हुए दामों ने अभी से अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। शहर में इस वर्ष स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में औसतन करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि होने की बात स्कूल ड्रेस विक्रेताओं द्वारा कही जा रही है। यूनिफॉर्म विक्रेताओं और दर्जियों के अनुसार कपड़े के दाम, परिवहन खर्च और सिलाई शुल्क बढ़ने से यह बढ़ोतरी हुई है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक वर्ष में यूनिफॉर्म तैयार करने में उपयोग होने वाले कच्चे माल और कपड़े की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत भी बढ़ गई है। दूसरी ओर मजदूरी और सिलाई शुल्क में हुई वृद्धि का सीधा असर यूनिफॉर्म की अंतिम कीमत पर पड़ा है।
जानकारों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक की यूनिफॉर्म के सेट पर अभिभावकों को पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। गांधीबाग, इतवारी, सदर, कमाल चौक, मानेवाड़ा, महल के यूनिफॉर्म विक्रेताओं के अनुसार स्कूल शुरू होने में अभी कुछ दिन ही बाकी हैं, इसलिए पुस्तक से लेकर स्कूल यूनिफॉर्म की बिक्री भी अब जोर पकड़ रही है। बड़े पैमाने पर पेरेंट्स ने बच्चों के यूनिफॉर्म खरीद लिए हैं। दुकानदारों के अनुसार यूनिफॉर्म महंगा होने से कारोबार पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है लेकिन पालकों पर महंगाई से भार बढ़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन स्कूलों में विशेष डिजाइन, लोगो या निर्धारित कपड़े का उपयोग किया जाता है, वहां कीमतों में वृद्धि और अधिक महसूस की जा रही है। नए सत्र के लिए किताबें, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक सामग्री पहले से ही महंगी होने के कारण यूनिफॉर्म के बढ़े दामों ने अभिभावकों का बजट और प्रभावित किया है।
कई अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रबंधन यूनिफॉर्म की खरीद में अधिक विकल्प उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें प्रतिस्पर्धी दरों पर सामग्री मिल सके। वहीं यूनिफॉर्म व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद उन्होंने कीमतों में सीमित वृद्धि करने का प्रयास किया है। यदि कच्चे माल और परिवहन लागत में और बढ़ोतरी होती है तो आने वाले समय में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।