दही हांडी उत्सव: महाराष्ट्र में 2 गोविंदाओं की मौत, 200 से ज्यादा घायल

Maharashtra News: शनिवार को पूरे महाराष्ट्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दही हांडी उत्सव मनाया गया। इस दौरान 2 गोविंदाओं की मौत हो गई। वहीं 200 से अधिक घायल हो गए।
Dahi Handi festival Maharashtra 2 Govindas died over 200 injured
दही हांडी उत्सव में मानव पिरामिड बनाते गोविंदा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Dahi Handi festival: देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मथुरा और वृंदावन से लेकर देश के कोने-कोने में कृष्ण मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। रात 12 बजे श्रीकृष्ण की भव्य आरती के साथ उनका जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव का आयोजन किया गया। 'गोविंदाओं' ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी को फोड़ा।

इस उत्सव के दाैरान कुछ शोक वाली खबरें भी आयी। महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान हुए दो अलग-अलग हादसों में 2 गोविंदाओं की मौत हो गई। वहीं 200 से अधिक घायल हो गए।

बीएमसी और सरकारी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात 12:30 बजे तक 210 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना मिली। इनमें से 68 का इलाज चल रहा है और 142 को डिस्चार्ज कर दिया गया।

मुंबई में दो गोविंदाओं की मौत

मुंबई के मानखुर्द में एक व्यक्ति की दही हांडी बांधते हुए मौत हो गई, जिसकी पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। वह दही हांडी बांधते समय पहली मंजिल से गिरकर अपनी जान गंवा बैठे। उन्हें तुरंत शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। वहीं, दूसरी घटना में 14 वर्षीय बालक की मृत्यु हो गई।

मुंबई में 91 घायल, 60 का इलाज जारी

सेंट्रल मुंबई के अस्पतालों में 91 घायल दर्ज किए गए, जिनमें से 60 का इलाज जारी है और 31 को छुट्टी दे दी गई। पूर्वी उपनगरों में 45 और पश्चिमी उपनगरों में 74 लोग घायल हुए।

अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल लोगों का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। संभवत रविवार-सोमवार तक सभी गोविंदाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

बता दें कि हर साल जन्माष्टमी के मौके पर मुंबई में जगह-जगह पर दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमें भारी संख्या में गोविंदा हिस्सा लेते हैं। यह भगवान कृष्ण की बाल्यावस्था से जुड़ा हुआ है। भगवान कृष्ण को माखन बहुत प्रिय था।

बाल लीलाओं में कृष्ण अपनी मंडली के साथ सारा माखन चट कर जाते थे। इसी वजह से कृष्ण को माखन चोर कहकर भी बुलाया जाता है। दही हांडी का कार्यक्रम मुरलीधर की इसी लीला को समर्पित है।

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